अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर सस्पेंस, सुनेत्रा पवार पर अभी कोई फैसला नहीं

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महाराष्ट्र की राजनीति इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं। बारामती में हुए विमान हादसे ने न सिर्फ राज्य को झकझोर दिया, बल्कि एनसीपी के भविष्य को लेकर भी अटकलें तेज कर दीं।

इसी बीच, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अभी सुनेत्रा पवार को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। उन्होंने यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद दिया। पटेल ने बताया कि पार्टी जल्द ही विधायकों की बैठक बुलाएगी।

पटेल ने कहा कि एनसीपी नेतृत्व सामूहिक रूप से निर्णय लेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी जनता की भावना और विधायकों की राय का सम्मान करेगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि सुनेत्रा पवार की भूमिका पर अभी चर्चा जारी है।

इससे पहले, अजित पवार की अचानक मौत ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया। बुधवार को बारामती में लियरजेट-45 विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई। इसके बाद राजनीतिक हलकों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

पृष्ठभूमि में देखें तो अजित पवार एनसीपी के एक प्रभावशाली गुट का नेतृत्व करते थे। उनकी पार्टी महायुति सरकार का अहम हिस्सा है। एनसीपी के इस गुट के पास विधानसभा में 41 विधायक हैं। पश्चिमी और उत्तरी महाराष्ट्र में इस गुट की मजबूत पकड़ मानी जाती है।

इसी कारण, उनके निधन के बाद उत्तराधिकारी को लेकर दबाव बढ़ गया। कई नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम का समर्थन किया। सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। कुछ नेताओं ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने की भी बात कही।

वरिष्ठ एनसीपी नेता और मंत्री नरहरी झिरवल ने इस भावना को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ‘वाहिनी’ को आगे लाने की इच्छा जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इस मांग को शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेगी।

हालांकि, पार्टी के अन्य नेता जल्दबाजी के मूड में नहीं दिखे। उनका कहना है कि संगठन को स्थिरता की जरूरत है। वे सभी विधायकों से राय लेना चाहते हैं। साथ ही, वे महायुति के संतुलन को भी ध्यान में रखना चाहते हैं।

इस बीच, अजित पवार की मौत से जुड़ी जांच भी जारी है। विमान हादसा बेहद भीषण था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि शव की पहचान मुश्किल हो गई। अधिकारियों ने उनकी कलाई की घड़ी और कपड़ों से पहचान की पुष्टि की।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान का ब्लैक बॉक्स सुरक्षित कर लिया गया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब उड़ान डेटा, तकनीकी पहलुओं और संचार रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगी।

राजनीतिक मोर्चे पर अब सभी की नजरें एनसीपी की विधायक बैठक पर टिकी हैं। पार्टी पर नेतृत्व स्पष्ट करने का दबाव बढ़ रहा है। साथ ही, उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।

फिलहाल, पार्टी ने संयम का रास्ता चुना है। एनसीपी नेतृत्व जल्द निर्णय लेने का संकेत दे रहा है। तब तक महाराष्ट्र की राजनीति में सस्पेंस बना हुआ है।


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