उस दिन उड़ान तय नहीं थी: आखिरी पल का फैसला कैसे कैप्टन सुमित कपूर के लिए घातक बना

0
iit

बुधवार सुबह देश एक बड़े विमान हादसे की खबर से सन्न रह गया। महाराष्ट्र के बारामती में एक लियरजेट-45 विमान क्रैश हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल थे। अब उनके दोस्तों ने एक अहम बात सामने रखी है। कैप्टन कपूर उस दिन उड़ान भरने वाले नहीं थे।

पृष्ठभूमि में, यह विमान एनसीपी नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर जा रहा था। विमान में उनके सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव, फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी मौजूद थे। हादसे में सभी की जान चली गई।

दोस्तों के मुताबिक, कैप्टन सुमित कपूर आखिरी समय में इस उड़ान के लिए आए। तय पायलट ट्रैफिक में फंस गया था। ऐसे में कपूर ने जिम्मेदारी संभाली। साथियों ने बताया कि उन्होंने इसे एक सामान्य बदलाव माना। एविएशन में ऐसे बदलाव आम होते हैं। लेकिन यही फैसला उनकी आखिरी उड़ान बन गया।

इस बीच, हादसे के कारणों को लेकर अटकलें तेज हुईं। हालांकि, कपूर के दोस्तों ने उनकी उड़ान क्षमता पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि कपूर बेहद अनुशासित और शांत स्वभाव के पायलट थे। एक दोस्त ने बताया कि उनके परिवार में भी एविएशन की गहरी पकड़ थी। उनके बेटे और दामाद दोनों पायलट हैं।

कैप्टन कपूर के अनुभव पर नजर डालें तो तस्वीर साफ होती है। पीटीआई के अनुसार, उनके पास करीब 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। वह 62 वर्ष के थे और दिल्ली के राजौरी गार्डन के रहने वाले थे। बीते दो वर्षों में उन्होंने कई राजनेताओं और जानी-मानी हस्तियों के साथ उड़ान भरी।

पड़ोसियों ने भी उनके व्यक्तित्व की चर्चा की। एक पड़ोसी ने बताया कि कपूर को उड़ान से गहरा लगाव था। वह अपने काम पर गर्व करते थे, लेकिन कभी घमंड नहीं दिखाते थे। उन्होंने मशहूर लोगों को उड़ाने को हमेशा जिम्मेदारी की तरह लिया।

उधर, बुधवार सुबह का हादसा तेजी से सुर्खियों में आया। दिल्ली की वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह विमान VT-SSK के नाम से पंजीकृत था। विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, विमान ने लैंडिंग के लिए दो प्रयास किए। पहले प्रयास में रनवे स्पष्ट नहीं दिखा। इसके बाद पायलटों ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। एटीसी ने दृश्य संपर्क की पुष्टि के बाद लैंडिंग की अनुमति दी। कुछ ही पलों बाद, सुबह करीब 8:43 बजे, एटीसी ने विमान को आग की लपटों में घिरते देखा।

हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे। हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि किसी को बचाने का मौका नहीं मिला। प्रशासन ने क्षेत्र को सील किया और जांच प्रक्रिया शुरू की।

गुरुवार को मंत्रालय ने पुष्टि की कि ब्लैक बॉक्स सुरक्षित कर लिया गया है। साथ ही, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच टीम अब फ्लाइट डेटा, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग, मौसम की स्थिति और एटीसी से हुई बातचीत की समीक्षा करेगी।

कैप्टन सुमित कपूर अपने पीछे पत्नी चीना, बेटे शिव और बेटी सान्या को छोड़ गए हैं। उनके करीबी कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक आखिरी पल का बदलाव उनकी जिंदगी की आखिरी उड़ान बन जाएगा। अब पूरा देश इस हादसे के जवाब का इंतजार कर रहा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News