अजित पवार विमान हादसा: खामोशी में डूबा बारामती, महाराष्ट्र ने खोया अपना मजबूत नेता

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बारामती बुधवार को सन्नाटे में डूब गया।
सुबह हुए विमान हादसे ने पूरे कस्बे की धड़कन रोक दी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की खबर फैलते ही शोक गहरा गया। पूरे महाराष्ट्र में स्तब्धता छा गई।

दोपहर होते-होते माहौल और भारी हो गया।
करीब 2 बजे पुणे–सोलापुर हाईवे सुनसान दिखा। आमतौर पर चहल-पहल से भरा यह रास्ता खामोश रहा। दुकानें बंद रहीं। ढाबों के शटर गिरे रहे। ट्रैफिक गायब हो गया। इसी बीच उरुलीकांचन में लगा अजित पवार का ब्लैक-एंड-व्हाइट होर्डिंग लोगों की पीड़ा बयां करता दिखा।

इसके बाद बारामती की ओर मुड़ते ही तस्वीर बदल गई।
करीब 35 किलोमीटर तक चौड़ी और नई सड़कें दिखीं। सड़क के दोनों ओर गुलाबी बोगनवेलिया खिले रहे। फिर भी कस्बा वीरान लगा। टोल नाका खुला रहा, लेकिन वहां कोई कर्मचारी नहीं दिखा। हर प्रतिष्ठान बंद रहा। सड़कें खाली रहीं।

हालांकि, हर वाहन एक ही दिशा में बढ़ता दिखा।
लोग विद्या प्रतिष्ठान कॉलेज परिसर की ओर पहुंचे। वहां अजित पवार के पार्थिव शरीर के दर्शन होने थे। पूरा बारामती मानो वहीं उमड़ पड़ा। लाखों लोग “अजित दादा” को अंतिम विदाई देने आए।

जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, परिसर छोटा पड़ने लगा।
बीच में जेसीबी मशीनों ने सीमेंट ब्लॉक सजा दिए। प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए मंच तैयार किया। मंच पर सफेद शामियाने लगाए गए। सामने बड़े चित्र के लिए जगह रखी गई। इसी दौरान फूल और मालाएं लगातार पहुंचती रहीं।

शोक के बीच भावनाएं फूट पड़ीं।
पूर्व पिंपरी-चिंचवड़ महापौर मंगला कदम रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि सब खत्म हो गया। उन्होंने अजित पवार को अपना नेता और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने सब कुछ खो दिया।

इधर, अंतिम संस्कार से पहले भारी भीड़ जुटी।
काटेवाड़ी स्थित आवास पर लोग उमड़े। एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार पहुंचे। एमएनएस नेता राज ठाकरे भी आए। प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी की।

साथ ही जांच भी तेज हुई।
डीजीसीए और फॉरेंसिक टीमों ने हादसा स्थल पर काम शुरू किया। टीमों ने विमान, एयरस्ट्रिप और ऑपरेटर की भूमिका पर ध्यान दिया। हादसे के कारणों पर सवाल उठने लगे।

बुधवार सुबह इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई।
अजित पवार के साथ पायलट सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर शंभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विधित जाधव भी मारे गए। सभी Learjet 45 विमान में सवार थे।

विमान ने सुबह 8.10 बजे मुंबई से उड़ान भरी।
अजित पवार बारामती में ग्रामीण निकाय चुनाव के लिए सभाएं करने वाले थे। 13 मिनट बाद विमान ने उतरने की तैयारी की। पहले प्रयास में पायलट रनवे नहीं देख सका। उसने लैंडिंग रोक दी।

इसके बाद विमान ने दोबारा चक्कर लगाया।
8.43 बजे दूसरा प्रयास हुआ। एक मिनट बाद एटीसी ने रनवे के पास आग की लपटें देखीं। विमान संतुलन खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शुरुआत में दृश्यता का जिक्र किया।
बाद में मंत्रालय ने कहा कि मौसम शांत रहा और दृश्यता 3,000 मीटर थी। जांच अब आगे बढ़ रही है।

इस बीच शरद पवार ने अपील की।
उन्होंने लोगों से राजनीति न करने को कहा। उन्होंने इसे एक दुर्घटना बताया।

अजित पवार की राजनीतिक विरासत लंबी रही।
1959 में जन्मे अजित पवार ने 1982 में राजनीति में कदम रखा। उन्होंने आठ बार बारामती से विधायक के रूप में जीत दर्ज की। उन्होंने छह बार उपमुख्यमंत्री पद संभाला।

आज बारामती उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई बड़े नेता अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। लेकिन बारामती खुद को आज भी अनाथ महसूस कर रहा है।


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