अमेरिका में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE फिर विवाद में आया। इस बार आरोप कोलोराडो से सामने आया। एक वकालत समूह ने दावा किया कि ICE एजेंटों ने हिरासत में लिए गए लोगों की गाड़ियों में “नस्लवादी डेथ कार्ड” छोड़े। इसके बाद होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
सबसे पहले आरोप समझिए। लैटिनो समुदाय के लिए काम करने वाले संगठन Voces Unidas ने कहा कि पिछले हफ्ते ICE एजेंटों ने कोलोराडो में नौ लैटिनो लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद एजेंट मौके से चले गए। फिर परिवार के सदस्य गाड़ियों तक पहुंचे। वहां उन्हें ताश के पत्तों में से इक्का पत्ता मिला।
संगठन के अनुसार, इन पत्तों पर ICE के डेनवर फील्ड ऑफिस की पहचान दिखती है। परिवार के सदस्यों ने ये कार्ड खुद देखे। इसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ। तब यह आरोप तेजी से फैल गया।
इसके बाद Voces Unidas के अध्यक्ष और सीईओ एलेक्स सांचेज सामने आए। उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संगठन इस घटना से बेहद आहत है। उनके अनुसार, लैटिनो कामगारों को निशाना बनाने के बाद ऐसा कार्ड छोड़ना जानबूझकर डराने की कोशिश दिखाता है। उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकत किसी भी सभ्य समाज में जगह नहीं रखती।
अब इसके ऐतिहासिक संदर्भ पर नजर डालते हैं। वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिक इक्का पत्ता इस्तेमाल करते थे। वे इसे दुश्मन को डराने के लिए छोड़ते थे। इतिहासकारों के अनुसार, यह मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति थी। इसी वजह से आज यह प्रतीक कई समुदायों में डर और हिंसा से जुड़ता है। Voces Unidas ने ICE पर इसी तरह की मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
इस बीच DHS ने आधिकारिक बयान जारी किया। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि ICE इस मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि एजेंसी ऐसे किसी भी व्यवहार की निंदा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना मिलते ही ICE के पर्यवेक्षकों ने तुरंत कदम उठाए।
इसके अलावा DHS ने जांच की जिम्मेदारी भी तय की। प्रवक्ता के अनुसार, ICE का ऑफिस ऑफ प्रोफेशनल रिस्पॉन्सिबिलिटी पूरे मामले की जांच करेगा। विभाग ने कहा कि जांच के बाद जरूरी और त्वरित कार्रवाई होगी।
हालांकि, DHS ने ICE का बचाव भी किया। प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी अपने अधिकारियों से उच्चतम पेशेवर मानकों की अपेक्षा रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि ICE खतरनाक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करता है। उनके अनुसार, एजेंसी समुदायों की सुरक्षा के लिए काम करती है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया जब संघीय एजेंसियों पर पहले से सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में मिनियापोलिस में एक नर्स एलेक्स प्रेट्टी की गोली लगने से मौत हुई। वह इस महीने शहर में किसी संघीय एजेंट की गोली से मारे गए दूसरे व्यक्ति थे। इससे पहले रेनी निकोल गुड की भी मौत हुई थी। इन घटनाओं ने सार्वजनिक बहस को और तेज कर दिया।
सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया आई। लेखक सेथ अब्रामसन ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि कोलोराडो में ICE एजेंट इक्का पत्ता छोड़ रहे हैं। उन्होंने इसे युद्धकालीन मनोवैज्ञानिक हथकंडा बताया। उन्होंने इस मुद्दे को मौजूदा राजनीतिक माहौल से जोड़ा।
फिलहाल ICE जांच कर रहा है। एजेंसी अधिकारियों से पूछताछ करेगी। वह ऑपरेशन से जुड़े रिकॉर्ड भी देखेगी। अब सबकी नजर जांच के नतीजों पर टिकी है। नागरिक अधिकार समूह पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वे साफ जवाब और जिम्मेदारी तय करने की बात कह रहे हैं।