पूर्व पाक क्रिकेटर ने ICC पर साधा निशाना, बांग्लादेश के T20 WC 2026 से बाहर होने को असंवैधानिक बताया
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने ICC पर कड़ा हमला बोला और बांग्लादेश के T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के फैसले को लेकर सवाल उठाए। टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में आयोजित होना था। हालांकि, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत यात्रा से इनकार कर दिया।
ICC ने बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं की समीक्षा की, लेकिन उसने कहा कि भारत में मैच खेलने के दौरान कोई विश्वसनीय या सत्यापित खतरा नहीं है। इसके बाद ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया। इस फैसले का क्रिकेट जगत के कई हिस्सों में विरोध हुआ और बहस शुरू हो गई।
मोहम्मद यूसुफ ने इस फैसले पर अपनी निराशा जताई और बांग्लादेश के विशाल टेलीविजन दर्शकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह दर्शक संख्या आगामी टूर्नामेंट में भारी कमी पैदा करेगी। यूसुफ ने अपने X अकाउंट पर लिखा, “न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, नेपाल, नीदरलैंड, आयरलैंड, नामीबिया, ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका और अफगानिस्तान का संयुक्त क्रिकेट दर्शक वर्ग लगभग 178 मिलियन है। वहीं बांग्लादेश अकेले 176 मिलियन दर्शक जनरेट करता है।”
उन्होंने ICC की संचालन शैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। यूसुफ ने कहा कि क्रिकेट को प्रभाव या चयनात्मक सुविधाओं के आधार पर नहीं चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब वैश्विक दर्शक इसे देख रहे हों, और बांग्लादेश जैसी न्यायसंगत सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया जाए, तो यह विश्वसनीयता और प्रशासन पर सवाल उठाता है। चयनात्मक सुविधाओं से निष्पक्षता खत्म हो जाती है। क्रिकेट केवल सिद्धांतों पर चलना चाहिए, प्रभाव पर नहीं।”
इसी बीच, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश का समर्थन स्पष्ट रूप से किया है। PCB कथित तौर पर ICC के फैसले के विरोध में कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें भारत के खिलाफ अपने ग्रुप-स्टेज मैच में भाग न लेने का विकल्प भी शामिल है, जो 15 फरवरी को कोलंबो, श्रीलंका में खेला जाएगा।
पाकिस्तानी समाचार एजेंसी Geo News के अनुसार, PCB फिलहाल अपने विकल्प खुले रख रहा है। भारत के खिलाफ मैच में भाग न लेना एक विकल्प है, जबकि दूसरा विकल्प पूरी तरह टूर्नामेंट से बाहर होना भी हो सकता है।
PCB के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने कहा कि पाकिस्तान की T20 वर्ल्ड कप 2026 में भागीदारी पर अंतिम फैसला 30 जनवरी या 2 फरवरी तक लिया जाएगा।
क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का कहना है कि यह विवाद ICC की निष्पक्षता और वैश्विक क्रिकेट प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की संभावित कार्रवाई से ICC को दबाव का सामना करना पड़ सकता है। अब टूर्नामेंट से पहले यह साफ करना महत्वपूर्ण हो गया है कि सुरक्षा, निष्पक्षता और प्रशासनिक निर्णय किस आधार पर लिए जाएंगे।
इस विवाद ने क्रिकेट में सुरक्षा चिंताओं, राजनीतिक सहमति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच संतुलन की आवश्यकता को उजागर किया है। आगामी हफ्तों में ICC और PCB के फैसले पूरे क्रिकेट जगत की निगाहों में होंगे।
