ट्रंप–कनाडा तनाव बढ़ा: अमेरिका ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का न्योता वापस लिया

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वाशिंगटन और ओटावा के रिश्तों में इस हफ्ते नई तल्खी दिखी। पहले, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने विवाद खड़ा किया। फिर, उन्होंने कनाडा को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से बाहर करने का ऐलान किया। नतीजतन, दोनों सहयोगी देशों के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया।

सबसे पहले, डावोस में ट्रंप ने कहा कि “कनाडा अमेरिका की वजह से जीवित है।” इसके तुरंत बाद, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने क्यूबेक सिटी में राष्ट्रीय संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका पर निर्भर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा अपनी पहचान और क्षमता से आगे बढ़ता है। साथ ही, उन्होंने दोनों देशों की साझेदारी को “उल्लेखनीय” बताया।

इसके बाद, ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर पलटवार किया। उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में कनाडा का निमंत्रण वापस लिया। ट्रंप ने लिखा कि बोर्ड कनाडा को शामिल नहीं करेगा। यह बोर्ड वैश्विक संघर्ष सुलझाने के लिए प्रस्तावित है। ट्रंप ने इसे अरबों डॉलर की पहल बताया।

उधर, कनाडाई सरकार के एक सूत्र ने कहा कि कनाडा बोर्ड के लिए भुगतान नहीं करेगा। हालांकि, कार्नी पहले निमंत्रण स्वीकार करने के संकेत दे चुके थे। इस बयानबाजी ने तनाव को और गहरा किया। दोनों नेताओं की सार्वजनिक नोकझोंक ने सहयोगी रिश्तों की नाजुक स्थिति दिखा दी।

इससे पहले, कार्नी ने डावोस में वैश्विक व्यवस्था पर तीखी बात रखी। उन्होंने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में “दरार” की बात कही। उन्होंने सीधे ट्रंप का नाम नहीं लिया। फिर भी, विश्लेषकों ने इसे अमेरिकी नीति की आलोचना माना। कार्नी ने कहा कि मध्यम शक्ति वाले देशों को नई वास्तविकता समझनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल “अनुपालन” सुरक्षा नहीं देता।

इसके जवाब में, ट्रंप ने अपने भाषण में कार्नी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कनाडा आभारी नहीं दिखा। उन्होंने फिर वही दावा दोहराया कि कनाडा अमेरिका पर निर्भर है। यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच बयानबाजी को और तेज करती दिखी।

इसके बाद, कार्नी ने घरेलू दर्शकों के लिए संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया अधिक विभाजित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुराने गठबंधन बदल रहे हैं। कुछ गठबंधन टूट भी रहे हैं। उन्होंने कनाडा को लोकतंत्र के दौर में एक उदाहरण बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कनाडा सभी समस्याएं नहीं सुलझा सकता। फिर भी, वह समावेश और लोकतंत्र का रास्ता दिखा सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर भी दबाव बना हुआ है। कनाडा का तीन-चौथाई से अधिक निर्यात अमेरिका जाता है। ऑटो, एल्युमिनियम और स्टील सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ा। हालांकि, उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते ने झटका कुछ हद तक सीमित रखा। अब, इस समझौते की समीक्षा पर बातचीत जल्द शुरू होगी। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अमेरिका को कनाडाई उत्पादों की जरूरत नहीं है।

इसी बीच, ट्रंप ने कनाडा के विलय की धमकी भी दोहराई। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया। नक्शे में कनाडा पर अमेरिकी झंडा दिखा। इससे ओटावा में चिंता बढ़ी।

अंत में, कार्नी ने कहा कि कनाडा किसी भ्रम में नहीं है। उन्होंने रक्षा खर्च बढ़ाने की बात कही। उन्होंने संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा दुनिया के लिए एक प्रकाशस्तंभ बनेगा।


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