जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद सेना ने शुक्रवार को शहीद जवानों को अंतिम श्रद्धांजलि दी। सबसे पहले, पूरे सैन्य सम्मान के साथ पुष्पचक्र अर्पण किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। समारोह ने देश के शोक और सम्मान की भावना को दर्शाया।
एयर कमोडोर ए. श्रीधर, जम्मू एयर फोर्स स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग, ने श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा, आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी और व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पी. के. मिश्रा ने भी पुष्पचक्र अर्पित किया। अन्य अधिकारियों और जवानों ने भी शहीदों को नमन किया।
इस हादसे में जिन जवानों ने जान गंवाई, उनमें सवार मोनू, सवार जोबनजीत सिंह, सवार मोहित, दफादार शैलेंद्र सिंह भदौरिया, सिपाही समीरन सिंह, सिपाही प्रद्युम्न लोहार, सवार सुधीर नरवाल, नायक हरे राम कुंवर, सिपाही अजय लकड़ा और सवार रिंखिल बलियान शामिल हैं। इन नामों ने पूरे देश को गमगीन कर दिया।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शहीदों की सेवा को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मिलेगी।
यह हादसा डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र में खन्नी टॉप के पास हुआ। सेना का वाहन एक ऑपरेशनल मूवमेंट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 10 जवानों की मौत हुई, जबकि उतने ही जवान घायल हो गए।
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने घटना की जानकारी दी। कॉर्प्स के अनुसार, खराब मौसम के बीच वाहन दुर्गम इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन सड़क से फिसल गया। बर्फ और फिसलन ने हालात को और कठिन बना दिया।
हादसे के तुरंत बाद, सेना और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे। खराब मौसम और कठिन भू-भाग के बावजूद टीमें तेजी से आगे बढ़ीं। सबसे पहले, घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद, गंभीर रूप से घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से उधमपुर भेजा गया।
उधमपुर के कमांड अस्पताल में घायलों का विशेष इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की कमी न रहने देने का आश्वासन दिया।
डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह ने हादसे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि भद्रवाह-चंबा सड़क पर जमी बर्फ हादसे की मुख्य वजह बनी। उन्होंने पुष्टि की कि 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 11 घायलों में से 10 गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें एयरलिफ्ट कर उधमपुर भेजा गया।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि शहीद जवानों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक भेजे जा रहे हैं। प्रशासन इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर रहा है। साथ ही, सेना और जिला प्रशासन लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
इस हादसे के बाद, सेना ने पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में मूवमेंट को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने यूनिट्स को मौसम को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा मानकों के सख्त पालन पर जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, डोडा हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। शहीद जवानों की कुर्बानी को देश नमन कर रहा है। अब ध्यान घायलों के इलाज और शहीदों के परिवारों को हर संभव सहायता देने पर केंद्रित है।