नई दिल्ली में मंगलवार सुबह से भाजपा मुख्यालय के बाहर उत्साह दिखा। कार्यकर्ता ढोल बजाते नजर आए। उन्होंने झंडे लहराए और नारे लगाए। इस बीच पार्टी ने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के नाम की घोषणा की तैयारी तेज कर दी। चूंकि कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आया, इसलिए नवीन निर्विरोध अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
सबसे पहले, वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई। कुल 37 सेट के नामांकन पत्र लौटाने अधिकारी के. लक्ष्मण को सौंपे गए। इन पत्रों में शीर्ष नेतृत्व के हस्ताक्षर शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावक के रूप में नवीन का समर्थन किया। साथ ही अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, किरेन रिजिजू और हरदीप पुरी ने भी उनका नाम आगे बढ़ाया। निवर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी प्रस्तावकों की सूची में जगह ली। इसलिए पार्टी के भीतर एकजुटता का स्पष्ट संदेश गया।
अब बात नितिन नवीन की पृष्ठभूमि की। नवीन बिहार की राजनीति से उभरे नेता हैं। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद नितिन नवीन ने 2006 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। जल्द ही उन्होंने पटना पश्चिम उपचुनाव जीता और विधानसभा पहुंचे। तब से उन्होंने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर काम किया। 45 वर्ष की उम्र में वह भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। इस वजह से पार्टी उन्हें नई पीढ़ी का चेहरा मान रही है।
इसी क्रम में भाजपा नेतृत्व ने पीढ़ीगत बदलाव पर जोर दिया। पार्टी ने हाल के वर्षों में युवा नेताओं को प्रमुख भूमिकाएं दीं। इसलिए नवीन का चयन उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। साथ ही बिहार में उनका संगठनात्मक अनुभव उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाता है।
दूसरी ओर, जे.पी. नड्डा ने इससे पहले पार्टी की कमान संभाली। भाजपा ने उन्हें जनवरी 2020 में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। बाद में पार्टी ने उन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया और कई राज्यों में चुनावी रणनीति संभाली। नेतृत्व ने उनके कार्यकाल को जून 2024 तक बढ़ाया ताकि स्थिरता बनी रहे। अब नड्डा ने जिम्मेदारी नई टीम को सौंपने का निर्णय लिया।
मंगलवार को पार्टी ने औपचारिक घोषणा का समय तय किया। खबरों के अनुसार नेतृत्व दोपहर 11:30 बजे से 1:30 बजे के बीच नवीन के नाम का ऐलान करेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और राज्य इकाइयों के नेता भी मौजूद रहेंगे। इस तरह भाजपा अपने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करेगी।
मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने पहले से ही जश्न शुरू कर दिया। उन्होंने मिठाइयां बांटी और नवीन के समर्थन में पोस्टर लगाए। कई नेताओं ने इसे संगठन के लिए नई ऊर्जा का संकेत बताया। उनका मानना है कि नवीन युवा मतदाताओं से बेहतर संवाद स्थापित करेंगे।
आगे देखते हुए भाजपा नवीन के नेतृत्व में संगठन को चुनावी मोड में लाने की योजना बना रही है। पार्टी कैडर अब नई रणनीति और नई कार्यशैली की उम्मीद कर रहा है। कुल मिलाकर यह बदलाव भाजपा के लिए नई दिशा और नई शुरुआत का संकेत देता है।