कर्नाटक डीजीपी निलंबित: अश्लील वीडियो विवाद पर सरकार की सख्त कार्रवाई, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए

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बेंगलुरु में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक विवाद उभरा। कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। सरकार ने यह कदम उन वीडियो के प्रसार के बाद उठाया, जिनमें राव कथित रूप से अश्लील हरकत करते दिखे। दिनभर टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने वीडियो को तेज़ी से चलाया। इसलिए सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया और जांच लंबित रहने तक राव को पद से हटा दिया।

सरकारी आदेश में कड़ी भाषा दिखी। अधिकारियों ने कहा कि राव का आचरण एक सरकारी सेवक के अनुरूप नहीं रहा। साथ ही सरकार ने माना कि इस घटना से राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा। इसलिए प्रशासन ने अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।

हालांकि राव ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें वीडियो की उत्पत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में हैरानी जताई और इसे साजिश करार दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वीडियो सामने कैसे आया और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।

इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार मामले की पूरी जांच कराएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी अधिकारी की वरिष्ठता उसे कानून से ऊपर नहीं रखती। उन्होंने बताया कि सुबह जानकारी मिलते ही उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने दोहराया कि सरकार कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगी।

वीडियो सामने आने के बाद राव ने गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने की कोशिश की। लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने मंत्री के घर के बाहर मीडिया से बात की। उन्होंने फिर से आरोपों को नकारा और कहा कि वे अपने वकील से सलाह लेंगे। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री को पूरी सच्चाई बताने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोई उनके खिलाफ झूठी जानकारी फैला रहा है।

राव का नाम पहले भी विवादों में आया। कर्नाटक सरकार ने उन्हें अगस्त में फिर से सेवा में बहाल किया था। उस समय सरकार ने उन्हें सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट निदेशालय का डीजीपी बनाया। इससे पहले मार्च में सरकार ने उन्हें अनिवार्य अवकाश पर भेजा था।

मार्च का फैसला उनकी सौतेली बेटी और अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद आया। डीआरआई ने 3 मार्च को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रान्या को पकड़ा। वह दुबई से लौटी थीं। जांच अधिकारियों ने उनके पास से ₹12.56 करोड़ के सोने के बिस्किट बरामद किए। अगले दिन एजेंसी ने उनके घर से ₹2.06 करोड़ के गहने और ₹2.67 करोड़ नकद जब्त किए। इसके अलावा एजेंसी ने उन पर पुलिस एस्कॉर्ट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। जांच में कहा गया कि उन्होंने एस्कॉर्ट के जरिए कस्टम जांच से बचने की कोशिश की।

इस पुराने मामले ने पहले ही पुलिस विभाग को मुश्किल में डाला। अब नया वीडियो विवाद सामने आया। इसलिए सरकार ने तुरंत कड़ा कदम उठाया। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि शीर्ष अधिकारियों पर भी सख्ती जारी रहेगी।

फिलहाल जांच एजेंसियां वीडियो की सत्यता की पड़ताल करेंगी। दूसरी ओर राव अपनी बेगुनाही पर अडिग हैं। आने वाले दिनों में जांच से स्थिति स्पष्ट होगी। तब तक कर्नाटक की राजनीति और प्रशासन दोनों इस मामले पर नजर रखे हुए हैं।


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