आलोचक से प्रशंसक बने श्रीकांत: हर्षित राणा की बल्लेबाज़ी से न्यूज़ीलैंड में दहशत

0
cric (1)

इंदौर में तीसरा वनडे रोमांच से भरा रहा। भारत ने 338 रन का बड़ा लक्ष्य पीछा किया। शुरुआत खराब रही। लगातार विकेट गिरे। स्कोर 71 पर 4 हो गया। दबाव बढ़ा। फिर भी टीम लड़ी।

इसी बीच हर्षित राणा ने मोर्चा संभाला। वह 178 पर 6 विकेट गिरने के बाद क्रीज़ पर आए। हालात मुश्किल रहे। रन रेट तेज रहा। गेंदबाज़ हावी दिखे। हालांकि राणा ने खेल बदल दिया।

उन्होंने आते ही आक्रमण चुना। सीधी बल्ले से शॉट खेले। स्पिनरों पर हमला किया। तेज़ गेंदबाज़ों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने 43 गेंदों में 52 रन बनाए। इस दौरान चार छक्के और चार चौके जड़े। हर शॉट में आत्मविश्वास दिखा। हर रन ने उम्मीद जगाई।

दूसरी ओर विराट कोहली टिके रहे। दोनों ने मिलकर 99 रन जोड़े। साझेदारी ने मैच में जान डाली। स्टेडियम में ऊर्जा लौटी। ड्रेसिंग रूम में भरोसा बढ़ा। न्यूज़ीलैंड की रणनीति डगमगाई।

पूर्व भारतीय ओपनर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इस पारी को खास बताया। उन्होंने अपने यूट्यूब शो में खुलकर तारीफ की। उन्होंने माना कि राणा ने मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि राणा की बल्लेबाज़ी से कीवी खिलाड़ी घबराए दिखे। उन्होंने यह भी कहा कि राणा के शॉट्स ने रन रेट नीचे खींचा और कप्तान पर दबाव बढ़ाया।

श्रीकांत ने साझेदारी के आंकड़ों पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि 99 में से 52 रन राणा ने बनाए। उनके मुताबिक वही रन निर्णायक साबित हुए। उन्होंने कहा कि उस समय रन रेट 11 से ऊपर रहा, लेकिन राणा ने इसे 10 तक लाया। इसी वजह से न्यूज़ीलैंड दबाव में आया।

हालांकि 44वें ओवर में राणा आउट हो गए। भारत का स्कोर 277 पर 7 पहुंचा। इसके बाद जिम्मेदारी पूरी तरह कोहली पर आई। उन्होंने शानदार 124 रन बनाए। फिर भी टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंची।

आखिरकार भारत 46वें ओवर में 296 पर सिमटा। इस हार के साथ न्यूज़ीलैंड ने इतिहास रचा। उन्होंने भारत में पहली बार वनडे सीरीज़ जीती।

यह नतीजा जितना चौंकाने वाला रहा, उतना ही दिलचस्प श्रीकांत का बदला रुख भी रहा। पिछले साल वही श्रीकांत राणा के चयन पर सवाल उठाते रहे। उन्होंने मजाक में कहा था कि गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद राणा टीम शीट का पहला नाम बन गए।

यह टिप्पणी वायरल हुई। सोशल मीडिया पर राणा ट्रोल हुए। कई लोगों ने उन्हें “कोच का पसंदीदा” कहा। मामला बढ़ा। फिर गंभीर ने प्रतिक्रिया दी।

दिल्ली में वेस्टइंडीज पर टेस्ट सीरीज़ जीत के बाद गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को निशाना बनाना शर्मनाक है। उन्होंने साफ कहा कि 23 साल के क्रिकेटर पर व्यूज़ के लिए हमला गलत है।

अब तस्वीर बदल चुकी है। श्रीकांत ने आलोचना छोड़ दी। उन्होंने प्रदर्शन को सराहा। उन्होंने राणा की बल्लेबाज़ी को साहसी बताया। उन्होंने माना कि इंदौर में राणा ने न्यूज़ीलैंड को डरा दिया।

इस तरह एक पारी ने कहानी पलट दी। राणा ने बल्ले से जवाब दिया। और उनके सबसे बड़े आलोचक ने आखिरकार सिर झुका दिया।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News