वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भेंट की। उन्होंने अपने 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार का सुनहरा मेडल ट्रंप को दिया और इसे उनके प्रति सम्मान का संकेत बताया।
मचाडो ने कहा कि उन्होंने यह मेडल उनके “हमारी आज़ादी के प्रति अनूठी प्रतिबद्धता” के लिए दिया। ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर धन्यवाद लिखा और मचाडो के कदम को “बहुत अच्छे संकेत” के रूप में स्वीकार किया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब वेनेजुएला के राजनीतिक भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तेज बहस चल रही है। अमेरिकी सेना ने इस महीने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया, जिसे अमेरिका ने आपराधिक मामलों के लिए भेजा।
मचाडो ने यह मेडल ट्रंप को देते हुए कहा कि मुक्त और लोकतांत्रिक वेनेजुएला के लिए उन्हें ट्रंप का समर्थन चाहिए। उन्होंने कहा, “हम **राष्ट्रपति ट्रंप पर विश्वास कर सकते हैं।” और समर्थकों ने बाहर “थैंक यू, ट्रंप” के नारे लगाए।
इसके बावजूद नोबेल संस्थान ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार का आधिकारिक अधिकार मचाडो के पास ही रहेगा और इसे साझा या स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।
मचाडो को 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था उनके लोकतंत्र समर्थक कार्यों और शांतिपूर्ण संक्रमण के प्रयासों के लिए। उन्होंने साल 2024 के चुनावों में भाग नहीं ले सकीं, क्योंकि मादुरो-समर्थित अदालत ने उन्हें चुनाव से बाहर कर दिया था।
इस बीच, ट्रंप ने इस बैठक में यह संकेत दिया कि वे मचाडो की नेतृत्व क्षमता के बारे में पहले जैसे ही आशंकित हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि मचाडो के पास वेनेजुएला में पर्याप्त समर्थन नहीं है।
वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता में वृद्धि हुई है क्योंकि मादुरो ने 2024 के चुनावों में जीत का दावा किया और सत्ता में बने रहे, जबकि विपक्षी ताकतों ने चुनाव को धाँधली वाला बताया।
मचाडो व्हाइट हाउस से मिलने से पहले कई महीनों तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखीं थीं। उन्होंने अपने देश से निकलने के बाद सुरक्षा कारणों से विदेश में समय बिताया।
मुलाकात में उन्होंने अमेरिकी सांसदों से भी मिलकर वेनेजुएला के लोकतंत्र और नई चुनाव व्यवस्था के समर्थन की मांग की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव जरूरी है ताकि वेनेजुएला में सामरिक और शांतिपूर्ण परिवर्तन संभव हो।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के माध्यम से मचाडो की हिम्मत और आवाज़ की सराहना की, लेकिन यह भी दोहराया कि उनके विचार मचाडो के नेतृत्व के बारे में नहीं बदले हैं।
मचाडो की यह पहल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, ताकि उन्होंने ट्रंप और अन्य वैश्विक नेताओं के समर्थन को मजबूत किया जा सके। इससे वेनेजुएला के लोकतांत्रिक आंदोलन को और बल मिल सकता है।
हालाँकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केवल प्रतीकात्मक है और इससे सियासी स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं आया है। अमेरिका-वेनेजुएला के संबंध अब भी जटिल बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, मचाडो का यह मीटिंग और उनके द्वारा ट्रंप को दिया गया नोबेल मेडल प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण रहा और इसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वेनेजुएला के भविष्य पर नए सवाल उठाए हैं।