20 मिलियन डॉलर गोल्ड हाइस्ट मामला: कनाडा ने प्रीत पनेसर के प्रत्यर्पण के लिए भारत से की मांग

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कनाडा ने अपने सबसे बड़े गोल्ड हाइस्ट मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। 12 जनवरी को कनाडाई अधिकारियों ने भारत से औपचारिक रूप से प्रीत पनेसर के प्रत्यर्पण की मांग की। जांच एजेंसियां पनेसर को 2023 के 20 मिलियन डॉलर के सोना चोरी कांड का मुख्य आरोपी मानती हैं। पुलिस इसे कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी गोल्ड चोरी बताती है।

इसी बीच, जांच को एक और बड़ी बढ़त मिली। पील रीजनल पुलिस ने एक अन्य प्रमुख आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने अरसलान चौधरी को 12 जनवरी को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पकड़ा। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क को जोड़ने में मदद करेगी।

इससे पहले, भारतीय एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हुई थीं। फरवरी 2025 में एक मीडिया रिपोर्ट के बाद जांच एजेंसियों ने प्रीत पनेसर को पंजाब में ट्रैक किया। वह चंडीगढ़ के बाहरी इलाके मोहाली में किराए के मकान में रह रहा था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने वहां छापेमारी की और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।

हालांकि, फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय को कनाडा के प्रत्यर्पण अनुरोध की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। बावजूद इसके, अधिकारी कनाडाई एजेंसियों के संपर्क में हैं। उनका लक्ष्य भारत में कथित रूप से मिले हवाला फंड को कनाडा की गोल्ड चोरी से जोड़ना है।

ईडी के अनुसार, पनेसर ने कथित तौर पर पैसे को अलग-अलग माध्यमों से घुमाया। जांच एजेंसियां कहती हैं कि रकम का बड़ा हिस्सा म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री के जरिए भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस पैसे का उपयोग एक फिल्म के निर्माण में हुआ, जिसमें पनेसर की पत्नी प्रीती नजर आने वाली थीं। वह गायिका और अभिनेत्री बनने की कोशिश कर रही हैं।

इससे पहले जुलाई 2025 में एजेंसियों ने दावा किया था कि उनके पास ठोस दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं। इन सबूतों के आधार पर ईडी का कहना है कि गोल्ड हाइस्ट के बाद पनेसर को 8.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हवाला के जरिए मिले। जांचकर्ता मानते हैं कि हवाला ऑपरेटर चंडीगढ़ और कनाडा में सक्रिय थे, लेकिन अब तक वे गिरफ्त से बाहर हैं।

जांच आगे बढ़ी तो एजेंसियों को मनी ट्रेल भी मिली। ईडी के अनुसार, अलग-अलग संस्थाओं ने पनेसर परिवार के खातों में नकद जमा किया। बाद में इस रकम को निवेश के रूप में स्टार मेकर्स एंटरटेनमेंट के खाते में भेजा गया। यह फर्म पनेसर और उसकी पत्नी ने शुरू की थी।

जब वकील से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इससे पहले भी पनेसर ने सार्वजनिक बयान देने से दूरी बनाई। उसने कानूनी कारणों का हवाला दिया और मीडिया से बात नहीं की। जांच एजेंसियों को पता चला है कि वह बाद में चंडीगढ़ के पास ही किसी दूसरी जगह चला गया।

फरवरी की रिपोर्ट के एक हफ्ते बाद ईडी ने दोबारा कार्रवाई की। अधिकारियों ने घर की तलाशी ली और ईसीआईआर दर्ज की। तलाशी के दौरान एक भुगतान रजिस्टर मिला। इस रजिस्टर में अलग-अलग किस्तों में मिली रकम का विवरण दर्ज था।

ईडी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की। कॉल और मैसेज रिकॉर्ड से हवाला नेटवर्क का सुराग मिला। हालांकि, इसी आधार पर ट्रैक किया गया हवाला ऑपरेटर फरार हो गया। इसके बावजूद, ईडी की टीमों ने पनेसर से कम से कम दो बार पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि उसके फोन से कनाडा और दुबई से आए पैसों के सबूत मिले।

उधर, कनाडा में पुलिस जांच जारी है। पील रीजनल पुलिस ने इस जांच को “प्रोजेक्ट 24के” नाम दिया है। अब तक नौ लोगों पर आरोप लग चुके हैं या उन्हें वांछित घोषित किया गया है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनमें प्रीत पनेसर शामिल है। पुलिस उस पर 5,000 डॉलर से अधिक की चोरी और आपराधिक साजिश का आरोप लगा रही है।

कनाडाई पुलिस पनेसर की भूमिका को बेहद अहम मानती है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, वह एयर कनाडा में कर्मचारी था। पुलिस का आरोप है कि उसने आने वाली गोल्ड शिपमेंट की पहचान की और कार्गो सिस्टम में हेरफेर किया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसी भूमिका ने सोने से भरे कंटेनर को बाहर निकालने का रास्ता साफ किया।


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