ईरान ने गुरुवार तड़के अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया। सैन्य तनाव बढ़ने के कारण यह फैसला आया। नतीजतन, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अफरा-तफरी मच गई। एयरलाइंस को रूट बदलना पड़ा। भारत से पश्चिम एशिया और यूरोप जाने वाली कई उड़ानों में देरी हुई।
सुबह करीब 3:45 बजे IST पर तेहरान फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन पूरी तरह बंद हुआ। इस दौरान कोई भी ओवरफ्लाइट नहीं गई। हालांकि, ईरानी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की पूर्व अनुमति वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को आने-जाने की छूट मिली।
इसी बीच, दिल्ली एरिया कंट्रोल सेंटर को सूचना मिली। लाहौर एरिया कंट्रोल सेंटर ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी को वजह बताया। यह सूचना 3:12 बजे IST पर पहुंची। उस समय तक कोई आधिकारिक नोटाम जारी नहीं हुआ था। इसलिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तुरंत फैसले लेने पड़े।
इसके बाद असर सीधे ऑपरेशंस पर दिखा। एयर ट्रैफिक सर्विस रूट G452 सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। यह रूट उत्तर और पश्चिम भारत से ईरान, खाड़ी देशों, तुर्की और यूरोप तक जाता है। एयरलाइंस इस रास्ते को समय और ईंधन बचाने के लिए चुनती हैं। लेकिन अचानक बंदी ने इस रूट को अनुपयोगी बना दिया।
इसके चलते विमानन अधिकारियों ने तुरंत वैकल्पिक योजना लागू की। लाहौर एसीसी ने बताया कि G452 पर उड़ने वाले विमानों को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से मोड़ा गया। इससे वैकल्पिक रूट पर दबाव बढ़ा। ट्रैफिक घना हुआ। कंट्रोलरों को मिनट-दर-मिनट बदलाव करने पड़े।
इसी दौरान एक विमान पहले से इस रूट पर मौजूद था। महान एयर का विमान IRM086 चीन से तेहरान जा रहा था। विमान को लाहौर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सौंपा गया। इसके अलावा, कई अन्य तय उड़ानों को भी रास्ता बदलना पड़ा।
दिल्ली एसीसी के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। कंट्रोलरों ने लाहौर और अन्य पड़ोसी एफआईआर के साथ तालमेल किया। उन्होंने ट्रैफिक को नए रूट पर समायोजित किया। नियोजित उड़ान प्रवाह की जगह अंतिम समय के डायवर्जन संभाले गए।
कुछ समय बाद हालात बदले। ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया। एक नोटाम जारी हुआ। इसके अनुसार, सुबह 7:03 बजे IST से तेहरान एफआईआर में सामान्य उड़ान संचालन शुरू हुआ। इसके बाद विमानों ने पुराने रूट पर लौटना शुरू किया। हालांकि, देरी का असर कुछ घंटों तक बना रहा।
इधर, एयर इंडिया ने भी स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। एयरलाइन ने सुबह 5:30 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। एयर इंडिया ने कहा कि ईरान की स्थिति और हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उसने वैकल्पिक रूट अपनाए। इससे कुछ उड़ानों में देरी हुई। जहां रीरूट संभव नहीं हुआ, वहां उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताया। उसने साफ कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पृष्ठभूमि में देखें तो ईरान में हालात पहले से तनावपूर्ण हैं। सरकार के विरोध प्रदर्शनों पर सख्त रुख ने दबाव बढ़ाया है। क्षेत्रीय अस्थिरता ने विमानन सुरक्षा को भी प्रभावित किया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे अस्थायी बंद भी वैश्विक उड़ान नेटवर्क पर बड़ा असर डालते हैं।
फिलहाल, उड़ानें बहाल हैं। लेकिन एयरलाइंस सतर्क हैं। कंट्रोल रूम अलर्ट मोड पर हैं। यात्रियों को अभी भी संभावित देरी के लिए तैयार रहना होगा।