राजकोट में बुधवार को भारत को शुरुआती झटका लगा। पहले, टीम ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। फिर, लय अचानक टूटी। लगातार विकेट गिरे। नतीजतन, दबाव फिर से बल्लेबाजी क्रम पर आ गया।
न्यूजीलैंड के कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने टॉस जीता और गेंदबाजी चुनी। उन्होंने पिच को पढ़ा। उन्होंने गेंदबाजों पर भरोसा जताया। सतह पहली नजर में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिखी। फिर भी, न्यूजीलैंड ने अनुशासित लाइन रखी।
भारत ने भी एक बदलाव किया। टीम ने नितीश कुमार रेड्डी को शामिल किया। न्यूजीलैंड ने जेडन लेनॉक्स को डेब्यू कराया। दोनों टीमों ने संतुलन साधने की कोशिश की।
शुरुआत में भारत ने इरादा दिखाया। ओपनर्स ने रन बनाए। हालांकि, जल्द ही तस्वीर बदली। श्रेयस अय्यर ने हल्का शॉट खेला और मिड-ऑफ पर कैच दे बैठे। इसके बाद, विराट कोहली ने क्रीज पर समय लिया। फिर, एक अंदर आती गेंद पर उनका बल्ला चूका। गेंद स्टंप्स से टकराई। कोहली 23 रन बनाकर लौटे। तभी, स्टेडियम में सन्नाटा छा गया।
इसके बाद, केएल राहुल और रविंद्र जडेजा ने जिम्मेदारी ली। पहले, उन्होंने जोखिम घटाया। फिर, उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की। साथ ही, उन्होंने साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया। उनका लक्ष्य साफ रहा। विकेट बचाओ। स्कोर बढ़ाओ। दबाव कम करो।
यह मुकाबला भारत के लिए अहम रहा। टीम पहले वनडे में जीत दर्ज कर चुकी थी। उस जीत के साथ भारत ने न्यूजीलैंड की नौ मैचों की जीत की लय तोड़ी। तब, केएल राहुल ने 49वें ओवर तक मैच संभाला। उन्होंने धैर्य दिखाया। उन्होंने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।
फिर भी, पहले मैच ने कमजोरियां उजागर कीं। भारत ने अहम मौकों पर विकेट गंवाए। मिडिल ऑर्डर को संघर्ष करना पड़ा। इसलिए, दूसरे वनडे में बल्लेबाजी रणनीति पर नजरें टिकी रहीं।
गेंदबाजी में भारत ने अच्छा प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह टीम में नहीं थे। फिर भी, गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को 300 पर रोका। मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने दबाव बनाया। हार्दिक की गैरमौजूदगी में भी अटैक संतुलित दिखा।
हालांकि, कोहली के आउट होते ही सवाल खड़े हुए। टीम का स्कोरिंग पैटर्न धीमा पड़ा। कुछ बल्लेबाजों ने गलत फैसले लिए। इसलिए, टीम प्रबंधन पर भी चर्चा शुरू हुई।
पहले वनडे में कोहली का फॉर्म चर्चा का विषय रहा। उन्होंने वडोदरा में लगभग शतक जड़ा। उम्र 30 पार होने के बाद भी उनकी भूख कम नहीं दिखी। इसी वजह से, राजकोट में उनका जल्दी आउट होना बड़ा झटका बना।
टीम चयन पर भी बातें हुईं। नितीश कुमार रेड्डी को पहले बाहर बैठाया गया। इससे सवाल उठे। वे विश्व कप योजनाओं में अहम हैं। वॉशिंगटन सुंदर को मौका मिला। लेकिन चोट ने तस्वीर बदल दी। नतीजतन, रेड्डी की वापसी हुई। आयुष बदोनी को अभी इंतजार करना पड़ा।
न्यूजीलैंड के लिए पहला वनडे मिश्रित रहा। टॉप ऑर्डर ने अच्छी शुरुआत दी। लेकिन टीम लक्ष्य से चूक गई। काइल जैमीसन ने गेंद से असर डाला। फिर भी, अन्य तेज गेंदबाजों ने निरंतरता नहीं दिखाई। मिडिल ऑर्डर से टीम को ज्यादा रन चाहिए।
अब, दूसरे वनडे में मुकाबला खुला रहा। भारत को संयम चाहिए। न्यूजीलैंड को निरंतरता चाहिए। इस बीच, राहुल और जडेजा की साझेदारी मैच की दिशा तय करती दिखी।