दिसंबर 2025 में SIP निवेश ने रिकॉर्ड बनाया, रिटेल निवेशकों की भागीदारी मजबूत

0
funds

नई दिल्ली – भारतीय शेयर बाजार में साल के अंत में उतार-चढ़ाव के बावजूद, रिटेल निवेशक लंबी अवधि में निवेश के प्रति भरोसा बनाए रखे। दिसंबर 2025 में असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों की भागीदारी स्थिर रही, SIP योगदान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा और इक्विटी व हाइब्रिड योजनाओं में रुचि कायम रही।

AUM में मामूली गिरावट, निवेशक भागीदारी बढ़ी
म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति (AUM) दिसंबर में 80.23 लाख करोड़ रुपये रही, जो नवंबर के 80.80 लाख करोड़ रुपये से थोड़ी कम है। इस गिरावट का मुख्य कारण डेट फंड से निकासी और बाजार में सीमित मूल्यांकन बदलाव बताया गया।

वेनकट चालसानी ने कहा, “संपूर्ण तस्वीर मजबूत बनी हुई है। दिसंबर 2025 में उद्योग की AUM 80.23 लाख करोड़ रही। गिरावट डेट फंड निकासी और बाजार आधारित मूल्यांकन में मामूली बदलाव के कारण आई।”

हालांकि महीने-दर-महीने AUM में गिरावट आई, औसत AUM (AAUM) 81.99 लाख करोड़ रुपये पर बनी रही, जिससे लगातार निवेश में स्थिरता दिखी।

SIP संस्कृति मजबूत, रिकॉर्ड मासिक योगदान
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बड़ा संदेश SIP योगदान में तेज वृद्धि है। दिसंबर में मासिक SIP inflows 31,001.67 करोड़ रुपये तक पहुंचे। कुल SIP संपत्ति 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गई। अब SIPs उद्योग की कुल संपत्ति का 20% से अधिक हिस्सा हैं।

चालसानी ने कहा कि साल-दर-साल AUM में 19.9% की वृद्धि हुई है, जो निवेशकों की भागीदारी और म्यूचुअल फंड अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाती है। सक्रिय SIP खातों की संख्या लगभग 9.8 करोड़ तक पहुंच गई, जो दिखाती है कि मासिक निवेश salaried और मध्यम आय वाले घरों में आदत बन गया है।

रिटेल निवेशक इक्विटी और हाइब्रिड फंड में स्थिर
रिटेल म्यूचुअल फंड फोलियोज बढ़कर 20.27 करोड़ हो गए। इक्विटी, हाइब्रिड और समाधान-उन्मुख योजनाओं में रिटेल AUM 47.36 लाख करोड़ रुपये रही। दिसंबर में लगातार 58वां महीना रहा जब इक्विटी में सकारात्मक inflows दर्ज हुए।

इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं में सक्रियता
नए निवेश और रिडेम्पशन दोनों में बाजार-उन्मुख योजनाओं ने अच्छा प्रदर्शन किया। मोटीलाल ओसवाल AMC के अखिल चतुर्वेदी ने कहा कि निवेशक रुचि व्यापक रही।

“इक्विटी ग्रॉस सेल 7% बढ़कर 72,808 करोड़ रुपये हुई, जबकि हाइब्रिड ग्रॉस सेल 17% बढ़कर 16,548 करोड़ रुपये रही। यह दर्शाता है कि निवेशक बाजार-उन्मुख उत्पादों में लगे हुए हैं।”

फ्लेक्सी-कैप फंडों में नए ऑफर की मदद से मजबूत inflows आए। मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड ने दिसंबर में सबसे अधिक ग्रॉस सेल 9,000 करोड़ रुपये दर्ज की। सोने और चांदी आधारित फंड में 10,000 करोड़ से अधिक inflows आए।

लाभ लेने की गतिविधि, लेकिन भरोसा कायम
हालांकि दिसंबर में रिडेम्पशन बढ़ी, विशेषज्ञों ने कहा कि यह डर नहीं बल्कि लाभ लेने का संकेत है। इक्विटी फंड में नेट inflows 29,500 करोड़ रुपये रहे, हाइब्रिड फंड में भी नेट inflows पॉजिटिव रहे।

नई योजनाएं और SIF का विकास
इस महीने 29 नई ओपन-एंडेड योजनाएं लॉन्च हुईं, जिन्होंने कुल 5,773 करोड़ रुपये जुटाए। विशेष निवेश फंड (SIF) का आकर्षण भी बढ़ा और उनकी संपत्ति 4,892 करोड़ रुपये पहुंच गई। हाइब्रिड रणनीतियों ने इसमें प्रमुख inflows दर्ज किए।

निष्कर्ष
रिटेल निवेशकों के लिए संदेश स्पष्ट है। छोटे बाजार उतार-चढ़ाव AUM को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन SIP और विविधीकृत फंड में अनुशासित निवेश मजबूत बना हुआ है। फोलियो और मासिक योगदान में वृद्धि दिखाती है कि भारतीय निवेशक म्यूचुअल फंड को लंबी अवधि की संपत्ति निर्माण की साधन के रूप में अपना रहे हैं, न कि तात्कालिक शॉर्ट-टर्म निवेश के रूप में।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News