आधी रात की शपथ: भारतीय मूल के ज़ोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर

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न्यूयॉर्क ने नया साल अलग अंदाज़ में शुरू किया। आधी रात के बाद ज़ोहरान ममदानी ने शपथ ली। उन्होंने ऐतिहासिक सबवे स्टेशन को मंच बनाया। शहर ने उस क्षण को गौरव के साथ देखा।

ममदानी ने हाथ में कुरान रखा। फिर उन्होंने शपथ के शब्द बोले। उन्होंने कहा, यह जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। लेटिशिया जेम्स ने समारोह संचालित किया। पुरानी सिटी हॉल स्टेशन की मेहराबों ने दृश्य को खास बना दिया।

इसके बाद ममदानी ने पहला संबोधन दिया। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को शहर की धड़कन बताया। फिर उन्होंने नए परिवहन आयुक्त माइक फ्लिन की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने भाषण छोटा रखा। फिर वे सीढ़ियों से ऊपर चले गए।

आज दोपहर वे दोबारा शपथ लेंगे। बर्नी सैंडर्स इस समारोह का संचालन करेंगे। शहर ब्रॉडवे के “कैन्यन ऑफ हीरोज़” पर सार्वजनिक जश्न मनाएगा।

अब ममदानी 34 की उम्र में मेयर का दायित्व उठाते हैं। वे अफ्रीका में जन्मे पहले मेयर हैं। साथ ही वे दक्षिण एशियाई मूल के पहले मेयर हैं। इसलिए शहर उन्हें नई पीढ़ी के नेता के रूप में देख रहा है।

उन्होंने चुनाव में “सस्ती जिंदगी” का नारा दिया। उन्होंने खर्च घटाने का वादा किया। उन्होंने मुफ्त चाइल्ड केयर का वादा रखा। उन्होंने बसों को मुफ्त करने की योजना रखी। उन्होंने लगभग 10 लाख परिवारों के लिए किराया फ्रीज़ करने की बात कही। साथ ही उन्होंने शहर चलाने की रोज़मर्रा की चुनौतियाँ स्वीकार कीं। कचरा, बर्फ, ट्रैफिक और मेट्रो—सब अब उनकी जिम्मेदारी में आते हैं।

ममदानी युगांडा में पैदा हुए। उनके माता-पिता ने उन्हें बचपन में न्यूयॉर्क ला दिया। 9/11 के बाद उन्होंने शहर को अलग माहौल में देखा। उन्होंने 2018 में अमेरिकी नागरिकता ली।

उन्होंने राजनीतिक अभियानों में काम किया। फिर 2020 में उन्होंने विधानसभा सीट जीती। अब वे आधिकारिक निवास में शिफ्ट होंगे। उनकी पत्नी रमा दुबाजी इस बदलाव में साथ देंगी।

शहर ने कोविड के बाद लंबी वापसी देखी। अपराध दर नीचे आई। पर्यटन लौटा। रोजगार सुधरा। फिर भी महंगाई और किराया चिंता बढ़ाते हैं। ममदानी अब इन चिंताओं से निपटने का दावा करते हैं।

राजनीतिक मोर्चे पर उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तालमेल बैठाना होगा। चुनाव के दौरान ट्रंप ने फंड रोकने की चेतावनी दी। बाद में उन्होंने व्हाइट हाउस में मुलाकात की। दोनों ने शांति से बात की। फिर भी आव्रजन जैसे मुद्दों पर टकराव बना रहेगा।

शहर के यहूदी समुदाय का एक हिस्सा अब भी सवाल उठाता है। कारण, ममदानी की इज़राइल नीति पर आलोचना। इस बीच, उनकी टीम ने संक्रमण प्रक्रिया पर महीनों काम किया। उन्होंने अनुभवी अधिकारियों को साथ जोड़ा। उन्होंने पुलिस कमिश्नर जेसिका तिश को बने रहने के लिए मनाया। इससे व्यापारी वर्ग को भरोसा मिला।

अब ममदानी सीधे जिम्मेदारियों में उतरते हैं। वे शहर को संतुलन, संवाद और बदलाव के साथ आगे ले जाना चाहते हैं। वहीं, न्यूयॉर्क उन्हें ध्यान से देख रहा है। क्योंकि यह कार्यकाल शहर की दिशा तय करेगा — और शायद राष्ट्रीय राजनीति का संकेत भी देगा।


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