सोमवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर पर घना कोहरा छा गया। दृश्यता शून्य के करीब पहुँची। इसलिए एयरलाइंस ने तुरंत कदम उठाया। उन्होंने 128 उड़ानें रद्द कीं और आठ उड़ानें दूसरे शहरों की ओर भेजीं। फिर भी भीड़ बढ़ती गई। यात्री सूचनाओं के लिए लाइन में खड़े रहे। कर्मचारी लगातार मार्गदर्शन करते रहे और व्यवस्था संभालते रहे।
सुबह बढ़ते ही हालात कठिन बने रहे। रनवे के पास धुंध गाढ़ी हुई। इसलिए पायलटों ने केवल CAT-III प्रक्रियाओं पर भरोसा किया। ये प्रक्रियाएँ बेहद कम दृश्यता में भी लैंडिंग की अनुमति देती हैं। हालांकि सुरक्षा नियम पहले आते हैं। इसलिए एयरलाइंस ने कई प्रस्थान आगे खिसकाए। कई आगमन भी देर से पहुँचे।
फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म ने देरी का पैटर्न साफ दिखाया। लगभग 178 प्रस्थान लेट हुए। 69 आगमन भी पीछे खिसके। इस बीच एयरलाइंस ने यात्रियों से ऐप और वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने का आग्रह किया। उन्होंने सलाह दी कि यात्री अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुँचें।
इंडिगो ने सुबह संदेश जारी किया। उसने कहा कि दृश्यता तेजी से बदलती है। इसलिए टर्नअराउंड धीमा पड़ता है। एयरलाइन ने भरोसा दिया कि मौसम सुधरते ही समयसारणी स्थिर होगी। आगे चलकर एयर इंडिया ने भी चेतावनी दी। उसने यात्रियों को समय से पहले स्थिति जांचने को कहा। इसी तरह स्पाइसजेट ने भी अतिरिक्त समय रखने की अपील की।
रेल मार्ग पर भी असर दिखा। उत्तरी भारत में कोहरा और ठंड साथ-साथ बढ़े। परिणामस्वरूप कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्लेटफ़ॉर्म पर घोषणाएँ तेज हुईं। परिवारों ने इंतज़ार बढ़ाया। चालक दल ने गति घटाई और सिग्नलों पर कड़ी नजर रखी। इस कारण यात्राएँ लंबी लगने लगीं।
अब मौसम विभाग तस्वीर समझा रहा है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा बना रह सकता है। रात और सुबह के समय जोखिम बढ़ेगा। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा असर महसूस करेंगे। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोहरा नए साल तक टिक सकता है। बाद में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो सकता है।
दिल्ली के लिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया। दिन का अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री रह सकता है। न्यूनतम करीब 7 डिग्री तक गिर सकता है। उत्तर-पश्चिमी हवाएँ ठंड बढ़ा रही हैं। इसलिए डॉक्टर गर्म कपड़े, पानी और सतर्क ड्राइविंग की सलाह दे रहे हैं। स्कूल स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। कई कार्यालय लचीले रिपोर्टिंग समय पर विचार कर रहे हैं।
यात्रियों ने भी योजनाएँ बदलीं। कुछ लोगों ने मीटिंग टाल दीं। कुछ ने ट्रेन या बस चुनी। कई यात्रियों ने होटल बुक किए और नई तारीखें तय कीं। फिर भी अधिकांश यात्रियों ने धैर्य दिखाया। कारण साफ है: सुरक्षा सबसे ऊपर रहती है। पायलट स्पष्ट संकेत चाहते हैं। ग्राउंड टीमें सटीक समन्वय चाहती हैं।
आगे के लिए एयरपोर्ट प्राधिकरण रणनीति मजबूत कर रहा है। एयरलाइंस क्रू रिज़र्व बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग तेज़ अपडेट देने की योजना बना रहा है। अगर ये प्रयास साथ आए, तो यात्रियों को राहत मिल सकती है। तब तक, यात्री नियमित अपडेट देखें, समय लेकर निकलें, और बदलाव के लिए तैयार रहें। आखिरकार, सर्दियों का कोहरा दिल्ली का टाइम-टेबल लिखता है।