विजय हजारे ट्रॉफी: विराट के विकेट के बाद ऋषभ पंत ने लगाया अर्धशतक, दिल्ली को संभाला
विजय हजारे ट्रॉफी 2025/26 में दिल्ली और मुंबई के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। विराट कोहली ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 50 ओवर के फॉर्मेट में लगातार छठा 50+ स्कोर बनाया। उन्होंने पावरप्ले में जोरदार छक्कों और चौकों की मदद से दिल्ली को मजबूत शुरुआत दिलाई।
लेकिन विराट का विकेट 77 रन पर गिरा, जिससे दिल्ली को मध्यक्रम में संतुलन बनाने की जरूरत पड़ी। इसी दौरान ऋषभ पंत ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने आक्रामक और संयमित खेल दिखाते हुए पावरप्ले के बाद दिल्ली की बल्लेबाजी को स्थिर किया। पंत ने अपना अर्धशतक एक जोरदार छक्के से पूरा किया और टीम को आगे बढ़ाया।
मुंबई के लिए दिन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा जल्दी आउट हो गए और गोल्डन डक पर पवेलियन लौटे। उनकी आक्रामक सोच काम नहीं आई और मुंबई शुरुआती झटके में दबाव में आ गई।
यह टूर्नामेंट पिछले दो दिनों से बल्लेबाजों के लिए उत्सव जैसा रहा। पहले राउंड में बल्लेबाजों ने गेंदबाजों को हराया। उस दिन 22 शतक बने, तीन सबसे तेज शतकों में से तीन भारतीय बल्लेबाजों ने बनाया, एक दोहरा शतक और एक टीम ने 574 रन बनाए। इसके बीच भी विराट और रोहित की कहानी सबसे खास रही।
रोहित ने सिक्किम के खिलाफ जयपुर में 155 रन बनाए, जबकि विराट ने 15 साल बाद वापसी करते हुए बेंगलुरु के CoE मैदान में आंध्र के खिलाफ 131 रन का शानदार स्कोर किया। छोटे मैदान, फ्लैट पिच और आसान लक्ष्य ने दोनों बल्लेबाजों के लिए अवसर आसान बना दिया। दोनों ने अपनी शानदार फॉर्म का लाभ उठाया।
इस टूर्नामेंट में दोनों बल्लेबाज केवल दो मैच खेल रहे हैं। यह न्यूज़ीलैंड के लिए तैयारी का हिस्सा है। दिल्ली का सामना गुजरात से है और मुंबई का मुकाबला उत्तराखंड से होगा।
ऋषभ पंत की भूमिका निर्णायक रही। विराट के आउट होने के बाद उन्होंने टीम को संभाला और रन दर रन जोड़ते गए। उनकी आक्रामक लेकिन संतुलित पारी ने दिल्ली को सुरक्षित स्थिति में रखा।
अब सवाल यह है कि क्या दोनों भारतीय दिग्गज अपनी शानदार फॉर्म जारी रखेंगे, या गेंदबाज तैयार होंगे और इस टूर्नामेंट में दबदबा बनाने के लिए जोरदार वापसी करेंगे।
इस मैच ने एक बार फिर दिखा दिया कि विजय हजारे ट्रॉफी में युवा और अनुभवी बल्लेबाजों के बीच रोमांचक संघर्ष होता है। कोहली, रोहित और पंत की बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचित किया, जबकि गेंदबाजों के लिए चुनौती बनी हुई है कि वे पलटवार करें और मैदान पर संतुलन बनाएं।
