दिल्ली के कैथेड्रल में क्रिसमस प्रार्थना में शामिल हुए पीएम मोदी, प्यार और करुणा का संदेश दोहराया
नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन पहुंचे। वह समय पर पहुंचे। फिर वह श्रद्धालुओं के साथ मुख्य प्रार्थना कक्ष में गए। माहौल शांत रहा। लोग ध्यान से बैठे। तभी कोयर ने भजन शुरू किए। दिल्ली के बिशप ने प्रार्थनाएँ पढ़ीं। मोदी ने हर प्रार्थना में भाग लिया। वह खड़े हुए। उन्होंने सिर झुकाया। उन्होंने गीत सुने। उन्होंने मौन प्रार्थना की।
इसके बाद मोदी ने एक्स पर पोस्ट की। उन्होंने वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि क्रिसमस नई आशा लाता है। साथ ही उन्होंने दया और करुणा पर जोर दिया। फिर उन्होंने दूसरा संदेश लिखा। उन्होंने क्रिसमस को प्रेम, शांति और करुणा का शाश्वत संदेश कहा। अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं।
वहीं, कोयर के गायक खुशी जताते रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ प्रार्थना करना अच्छा लगा। उन्होंने उस पल को खास बताया। लोग बाहर निकले। उन्होंने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं। बच्चे कारोल गाते रहे। परिवारों ने तस्वीरें लीं।
अब पृष्ठभूमि देखें। हाल के वर्षों में मोदी लगातार क्रिसमस से जुड़े कार्यक्रमों में जाते रहे। 2023 में उन्होंने दिल्ली के सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल का दौरा किया। उसी रात उन्होंने अपने आवास पर कार्यक्रम रखा। 2024 में उन्होंने केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के साथ डिनर किया। इसके अलावा, उन्होंने कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया के आयोजन में भी हिस्सा लिया। इस तरह वह संवाद बढ़ाते रहे। वह समुदाय के साथ सीधे जुड़ते रहे।
इस बीच, देशभर में क्रिसमस का उत्साह दिखा। दिल्ली में लोगों ने चर्चों पर रोशनी लगाई। परिवारों ने प्रार्थना में हिस्सा लिया। उन्होंने मोमबत्तियाँ जलाईं। वहीं दार्जिलिंग में लोग सड़कों पर कारोल गाते रहे। ओडिशा में बच्चों ने सजीव झाँकियाँ बनाईं। हर जगह लोगों ने शांति की कामना की।
इसके अलावा, कई नेताओं ने शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संदेश दिया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने लोगों को बधाई दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शुभकामनाएँ भेजीं। इसी तरह राहुल गांधी ने भी शांति और सद्भाव का आह्वान किया।
क्रिसमस लोगों को प्रेम का मार्ग दिखाता है। यह त्योहार त्याग और सेवा सिखाता है। इसलिए अलग-अलग समुदाय इस दिन साथ बैठते हैं। वे भोजन साझा करते हैं। वे बच्चों के साथ खेलते हैं। वे मिलकर गाते हैं। इस तरह त्योहार रिश्तों को मजबूत करता है।
अंत में, दिल्ली का यह सुबह का कार्यक्रम एक संदेश छोड़ गया। प्रार्थनाओं ने उम्मीद जगाई। गीतों ने दिलों को जोड़ा। मोदी ने करुणा पर जोर दिया। उन्होंने एकता की बात कही। उन्होंने लोगों से कहा कि वे दयालु बनें। इस तरह क्रिसमस ने आस्था और नागरिकता दोनों को साथ रखा। अब नया साल इसी भावना के साथ शुरू होता है।
