किडनी स्टोन से बचाव: क्या खाएं और क्या बचें ताकि पुनरावृत्ति का जोखिम कम हो

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किडनी स्टोन आजकल आम समस्या बन गई है। यह सभी उम्र और क्षेत्रों के लोगों को प्रभावित करता है। अचानक होने वाला तेज दर्द और बार-बार लौटने वाले लक्षण इसे चिंताजनक बनाते हैं। इसलिए पहली बार स्टोन होने के बाद रोकथाम पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आहार को बदलकर स्टोन बनने के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

किडनी स्टोन क्या है?
किडनी स्टोन एक ठोस कठोर द्रव्य होता है, जो यूरिन में अलग होने वाले क्रिस्टल से बनता है। जब यूरिन में कुछ खनिज और लवण क्रिस्टलीकरण करने लगते हैं, तो स्टोन बनते हैं। सामान्य रूप से शरीर की रसायन प्रक्रिया इसे रोकती है। लेकिन जब यह प्रक्रिया विफल हो जाती है, तो क्रिस्टल कठोर होकर स्टोन में बदल जाते हैं। इससे मूत्र मार्ग में रुकावट या बार-बार दर्द और लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। आहार और जल सेवन इस प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

सामान्य आहार संबंधी सुझाव
नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार:

  • रोजाना 2-3 क्वार्ट द्रव पिएं ताकि कम से कम 2.5 लीटर मूत्र बने।

  • जरूरत पड़ने पर उच्च ऑक्सलेट वाले भोजन सीमित करें।

  • दिन में तीन बार कैल्शियम युक्त भोजन खाएं।

  • अनावश्यक कैल्शियम सप्लीमेंट से बचें।

  • प्रोटीन का सेवन मध्यम रखें।

  • नमक की मात्रा घटाएं।

  • उच्च मात्रा में विटामिन सी सप्लीमेंट से बचें, क्योंकि यह ऑक्सलेट बढ़ा सकता है।

स्टोन के प्रकार के अनुसार आहार

कैल्शियम ऑक्सलेट और कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन
कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन वाले लोग ऑक्सलेट युक्त भोजन कम करें, जैसे पालक, चुकंदर, रूबार्ब, स्विस चार्ड, मूंगफली, चॉकलेट, चाय और शकरकंद। कैल्शियम फॉस्फेट स्टोन में भी यही नियम लागू होता है। साथ ही नमक कम करना और कैल्शियम का संतुलित सेवन जरूरी है।

यूरिक एसिड स्टोन
यूरिक एसिड स्टोन मुख्यतः पशु प्रोटीन से जुड़ा होता है। इस स्थिति में बीफ, चिकन, पोर्क, आंत-मांस, अंडा, मछली, शेलफिश और कुछ डेयरी उत्पादों को सीमित करना चाहिए।

सिस्टिन स्टोन
सिस्टिन स्टोन में पर्याप्त जल सेवन सबसे अहम है। पूरे दिन पर्याप्त पानी पीने से यूरिन पतला रहता है और क्रिस्टल बनने का खतरा कम होता है।

अन्य सुझाव
स्टोन बार-बार होने पर डॉक्टर के मार्गदर्शन में व्यक्तिगत आहार योजना बनाना चाहिए। नियमित जांच और मूत्र परीक्षण से जोखिम पर नजर रखी जा सकती है। चरम आहार या अत्यधिक प्रतिबंध नुकसानदायक हो सकते हैं। संतुलित, हाइड्रेटेड और सावधानीपूर्वक आहार ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

कुल मिलाकर, किडनी स्टोन की रोकथाम के लिए आहार को स्टोन के प्रकार के अनुसार और विशेषज्ञ सलाह के तहत बदलना सबसे प्रभावी तरीका है। पर्याप्त पानी, नियंत्रित प्रोटीन, कम नमक और चयनित भोजन से पुनरावृत्ति का खतरा कम किया जा सकता है और किडनी की सेहत सुरक्षित रहती है।


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