सबसे पहले, यह इंस्टाग्राम रील तेजी से वायरल हुई। पोस्ट कथित तौर पर एक छोटे गिरोह से आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह के तार बंबीहा गैंग से जुड़े हो सकते हैं। रील में पंजाबी भाषा का इस्तेमाल हुआ। इसमें हमलावरों ने 2022 में मूसेवाला की हत्या का बदला लेने की बात कही।
इसके साथ ही, पोस्ट ने गंभीर आरोप लगाए। इसमें दावा किया गया कि राणा बलाचौरिया के संबंध लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से थे। पोस्ट ने कई लोगों के नाम भी लिए। इतना ही नहीं, इसमें कबड्डी खिलाड़ियों को चेतावनी दी गई। पोस्ट ने कहा कि खिलाड़ी उन टीमों के लिए न खेलें, जिन्हें जग्गू भगवानपुरिया का समर्थन हासिल है।
इसी बीच, पुलिस अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वे पोस्ट को नजरअंदाज नहीं कर रहे। वे अकाउंट की सत्यता की जांच कर रहे हैं। वे डिजिटल साक्ष्य जुटा रहे हैं। वे दावों और जमीनी हकीकत का मिलान कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि समझना भी जरूरी है। 29 मई 2022 को हमलावरों ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की थी। घटना पंजाब के मानसा जिले के मूसा गांव के पास हुई थी। जांच एजेंसियों ने इस हत्या को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़ा। बिश्नोई लंबे समय से जेल में है। इसके बावजूद, उसका नाम लगातार गैंगवार से जुड़ी घटनाओं में सामने आता रहा है। मूसेवाला की लोकप्रियता उनकी मौत के बाद और बढ़ी। उनके अप्रकाशित गीत आज भी लाखों व्यूज बटोरते हैं।
अब बात राणा बलाचौरिया की हत्या की। राणा एक कबड्डी खिलाड़ी और खेल आयोजक थे। उनका असली नाम कंवर दिग्विजय सिंह था। सोमवार शाम वह मोहाली के सोहाना इलाके में एक स्थानीय कबड्डी टूर्नामेंट में मौजूद थे। तभी हमला हुआ।
यह वारदात शाम करीब 5.30 बजे सेक्टर 82 में हुई। उस समय सैकड़ों दर्शक और खिलाड़ी मैदान में थे। टीमें मैदान में उतरने की तैयारी कर रही थीं। खिलाड़ी वार्मअप कर रहे थे। तभी अचानक गोलियों की आवाज गूंजी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग महिंद्रा बोलेरो में आए। मोहाली के एसएसपी हरमंदीप सिंह हंस के अनुसार, हमलावरों ने पहले राणा से सेल्फी लेने की बात की। इसके बाद उन्होंने नजदीक से गोलियां चलाईं।
शुरुआत में कई लोगों ने आवाज को पटाखे समझा। लेकिन हालात तुरंत बदल गए। लोगों ने राणा को गिरते देखा। उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। डर और अफरा-तफरी फैल गई। लोग इधर-उधर भागने लगे।
इस बीच, मैच का लाइवस्ट्रीम भी चल रहा था। फायरिंग की आवाज उसमें कैद हो गई। वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गए। भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने भी क्लिप साझा कीं। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार से कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछे।
घटना के तुरंत बाद डीएसपी एचएस बल मौके पर पहुंचे। वह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। पुलिस ने राणा को फौरन फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल ने शाम को उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह हत्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं दिखती। यह चंडीगढ़–मोहाली–पंचकूला क्षेत्र में बढ़ती हिंसा की कड़ी बनती दिखती है। 1 दिसंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक गैंगस्टर की हत्या हुई थी। हमलावरों ने 11 गोलियां चलाई थीं। नवंबर में मोहाली के फेज-7 में एक रिटायर्ड अधिकारी के घर के बाहर 30 से ज्यादा राउंड फायर हुए थे। बाद में धमकी को काला राणा गिरोह से जोड़ा गया।
अब पुलिस पर दबाव बढ़ रहा है। चुनौती साफ है। जांच को अंजाम तक पहुंचाना है। सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती हिंसा को रोकना है।