सबसे पहले, जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफर हसन ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया। उन्होंने औपचारिक और सम्मानजनक स्वागत किया। यह कदम दोनों देशों के करीबी रिश्तों को दर्शाता है। इसके साथ ही, जॉर्डन ने भारत के प्रति अपना विशेष सम्मान जताया।
इसके बाद, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री जाफर हसन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संपर्क और सहयोग को मजबूत करेगी। इस संदेश से दौरे की दिशा साफ हो गई।
गौरतलब है कि भारत के किसी प्रधानमंत्री ने 37 साल बाद जॉर्डन की पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा की है। संयोग से, दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे कर रहे हैं। इसलिए, यह दौरा प्रतीकात्मक होने के साथ रणनीतिक भी है।
इसी क्रम में, जॉर्डन पीएम मोदी के चार दिवसीय, तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। इसके बाद वह इथियोपिया और ओमान जाएंगे। भारत इस यात्रा के जरिए पश्चिम एशिया और अफ्रीका में साझेदारी को विस्तार देना चाहता है।
उधर, जॉर्डन के प्रधानमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पीएम मोदी का स्वागत किया। उन्होंने भारत को भरोसेमंद और मूल्यवान साझेदार बताया। साथ ही, उन्होंने आर्थिक, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
होटल पहुंचते ही पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया। उन्होंने उनसे बातचीत की। स्थानीय कलाकारों ने भारतीय पारंपरिक नृत्य पेश किए। इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई।
आगे बढ़ते हुए, पीएम मोदी आज जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता पहले एक-दूसरे से अलग से बात करेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इन बैठकों में क्षेत्रीय हालात, व्यापार और निवेश पर चर्चा होगी।
मंगलवार को पीएम मोदी और किंग अब्दुल्ला भारत-जॉर्डन बिजनेस इवेंट को संबोधित करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपति इसमें हिस्सा लेंगे। यह मंच नई व्यावसायिक संभावनाओं को आगे बढ़ाएगा।
इसके अलावा, पीएम मोदी जॉर्डन में बसे भारतीय समुदाय से फिर संवाद करेंगे। वह क्राउन प्रिंस के साथ पेट्रा भी जाएंगे, यदि मौसम अनुकूल रहा। पेट्रा का भारत से प्राचीन व्यापारिक संबंध रहा है, जो इस यात्रा को सांस्कृतिक आयाम देता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह पीएम मोदी की पहली पूर्ण द्विपक्षीय जॉर्डन यात्रा है। फरवरी 2018 में उन्होंने जॉर्डन में केवल ट्रांजिट किया था। तब भी राजा अब्दुल्ला ने उन्हें विशेष सम्मान दिया था। अब, 37 साल बाद यह औपचारिक यात्रा हो रही है।
आर्थिक मोर्चे पर, भारत और जॉर्डन मजबूत साझेदारी साझा करते हैं। भारत, जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 2.8 अरब डॉलर का है। जॉर्डन भारत को फॉस्फेट और पोटाश जैसे उर्वरक भी सप्लाई करता है।
अंत में, जॉर्डन में 17,500 से अधिक भारतीय रहते हैं। वे कपड़ा, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में काम करते हैं। यह समुदाय दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का काम करता है।