भारत ने तीसरे ODI में पकड़ी पकड़: कुलदीप–प्रसिद्ध ने चार-चार झटके, दक्षिण अफ्रीका 270 पर थमा

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भारत और दक्षिण अफ्रीका ने शनिवार को विशाखापट्टनम में सीरीज़ का सबसे अहम मुकाबला खेला। शुरुआत से ही भारत ने साफ रणनीति अपनाई। KL राहुल ने टॉस जीता और तुरंत गेंदबाज़ी चुनी। उन्होंने अपनी आक्रमक योजना पर भरोसा जताया और टीम ने उसी लय में शुरुआत की।

सबसे पहले प्रसिद्ध कृष्णा ने प्रभाव डाला। उन्होंने गति से हमला किया, लंबाई बदली और दक्षिण अफ्रीका के टॉप ऑर्डर को हिलाया। उन्होंने बल्लेबाज़ों को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया। उन्होंने लगातार दबाव बनाया और कई बार बढ़त बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर, विकेट सूखा था और गेंदबाज़ों को मेहनत करनी पड़ रही थी। इसके बावजूद भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने ताल नहीं टूटने दी।

इसके बाद मैच अचानक बदला। कुलदीप यादव ने बॉल संभाली और कलाई की कला से खेल पलट दिया। उन्होंने तीन ओवर में चार झटके दिए। उन्होंने पहले मार्को यान्सन को चकमा दिया। फिर उन्होंने डेवॉल्ड ब्रेविस को फंसाया। इसके बाद उन्होंने लुंगी एंगिडी को ग़लत लाइन पर खींचा। आखिर में उन्होंने कॉर्बिन बॉश की गिल्लियाँ उड़ाईं। उनका स्पेल मैच का निर्णायक मोड़ बना।

इसी बीच दक्षिण अफ्रीका दबाव में आया। टेम्बा बावुमा ने साझेदारी बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने लगातार रफ़्तार पकड़े रखी। रयान रिकेलटन और क्विंटन डि कॉक तेज़ शुरुआत चाहते थे, पर भारतीय अटैक ने उन्हें खुलकर खेलने नहीं दिया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, अफ्रीकी बल्लेबाज़ रक्षात्मक होते गए।

इसके बाद भारत ने अपनी पूरी योजना लागू की। रविंद्र जडेजा ने बीच के ओवरों में रन रोके। हार्षित राणा ने गति बदली और बल्लेबाज़ों को परेशान किया। अर्जदीप सिंह ने भी पारी को अंत में कसकर पकड़ा। धीरे-धीरे दक्षिण अफ्रीका लड़खड़ाया। अंत में टीम 270 रन पर सिमट गई।

सीरीज़ के संदर्भ में यह मुकाबला बेहद अहम था। दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। इसलिए यह मैच फ़ाइनल जैसा माहौल लेकर आया। भारत ने इस बार तीन स्पिनरों का संयोजन चुना। पहले मैच में यह रणनीति सफल रही थी, लेकिन दूसरे मैच में थोड़ी कमी दिखी। इसके बावजूद टीम ने इस मैच में बहादुरी से लौटकर दिखाया कि सही मौके पर सही बदलाव कितना असर डाल सकते हैं।

दक्षिण अफ्रीका ने एक ही फ्रंटलाइन स्पिनर खिलाया और गति पर भरोसा किया। लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ों की गहराई को देखते हुए यह जोखिम भरा कदम था। वहीं भारत ने गेंदबाज़ी में विविधता रखकर बढ़त बनाई।

कुल मिलाकर भारत ने गेंद के साथ लय में खेल दिखाया। प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव ने आठ विकेट झटके और पूरे मैच को भारत की ओर मोड़ दिया। अब जीत का रोडमैप साफ दिख रहा है। बल्लेबाज़ों के सामने 270 का लक्ष्य है, जिसे टीम आसानी से हासिल करना चाहेगी।


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