धुरंधर की एडवांस बुकिंग थमी; रिलीज़ से पहले रणवीर सिंह की फिल्म का मोमेंटम कमजोर
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ रिलीज़ से सिर्फ दो दिन दूर खड़ी है, लेकिन फिल्म वह रफ्तार नहीं पकड़ पा रही जो एक बड़े बजट की स्पाई थ्रिलर से उम्मीद की जाती है। सोमवार को एडवांस बुकिंग तेज़ी से चली, लेकिन फिर अचानक रुक गई। इसके बाद फिल्म ने अपना शुरुआती मोमेंटम खो दिया। अब फिल्म कमजोर ओपनिंग का जोखिम झेल रही है।
एडवांस बुकिंग की धीमी चाल
सोमवार को बुकिंग खुलते ही फिल्म ने कुछ ही घंटों में ₹1 करोड़ का आंकड़ा पार किया। यह शुरुआत मजबूत थी, लेकिन आगे बिक्री लगातार धीमी होती गई। बुधवार दोपहर तक फिल्म ने पूरे भारत में सिर्फ 50,000 टिकटें बेचीं। फिल्म लगभग 3000 स्क्रीनों पर चलने जा रही है, लेकिन पहले दिन की एडवांस कमाई महज़ ₹2.30 करोड़ पर अटक गई।
हालांकि बुधवार और गुरुवार को और स्क्रीन खुलेंगी, जिससे बुकिंग बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल जो कमी दिख रही है, वह फिल्म की ओपनिंग पर असर डाल सकती है।
बुकिंग रफ्तार चिंता बढ़ाती है
बुधवार दोपहर 1 बजे तक फिल्म BookMyShow पर सिर्फ 1500 टिकट प्रति घंटा बेच रही थी। रणवीर सिंह की इस स्तर की फिल्म के लिए यह बेहद कम संख्या है। तुलना के लिए, ‘तेरे इश्क़ में’, जो पहले से सिनेमाघरों में चल रही है, अभी भी प्रति घंटा तीन गुना ज़्यादा टिकट बेच रही है।
पहले भी इस स्केल की फिल्मों ने रिलीज़ से पहले 15-20 हजार टिकट प्रति घंटा तक बेचे हैं। निर्माताओं को उम्मीद है कि गुरुवार को फिल्म की रफ्तार बढ़ेगी, ताकि ओपनिंग डे की वसूली सुधर सके।
फिल्म की कहानी और सितारे
निर्देशक आदित्य धर ने ‘धुरंधर’ को एक तेज़-तर्रार स्पाई थ्रिलर के रूप में गढ़ा है। कहानी पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर क्षेत्र लियारी में सेट है। रणवीर सिंह के साथ फिल्म में अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, अक्षय खन्ना, सारा अर्जुन और राकेश बेदी अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
फिल्म 5 दिसंबर को भारत में 5000 स्क्रीनों पर रिलीज़ होगी। बड़े स्टारकास्ट, बड़े पैमाने और बड़े बजट के बावजूद, फिल्म को अब तक उम्मीद के मुताबिक एडवांस सपोर्ट नहीं मिला है।
आगे क्या?
अब निर्माताओं की नज़र गुरुवार की बुकिंग पर है। अगर फिल्म रफ्तार नहीं पकड़ती, तो ‘धुरंधर’ अपनी शुरुआती कमाई में पिछड़ सकती है। लेकिन अगर टिकट बिक्री गुरुवार शाम तक उछाल लेती है, तो फिल्म अपने ओपनिंग डे की प्रतिष्ठा बचा सकती है।
फिलहाल, फिल्म के सामने चुनौती साफ है—मोमेंटम वापस पाना और दर्शकों को थिएटर तक खींचना।
