एयरबस A320 गड़बड़ी से भारत की उड़ानें प्रभावित, इंडिगो–एयर इंडिया ने चेताया

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भारत में कई एयरलाइंस शनिवार से नई चुनौती का सामना कर रही हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस अपनी A320 फैमिली विमानों में उड़ान नियंत्रण से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने में जुटीं। इसलिए उन्होंने यात्रियों को देरी और रद्दीकरण की चेतावनी दी। यह संकट तब उभरा, जब मैक्सिको से फ्लोरिडा जा रहे जेटब्लू के A320 विमान में अचानक ऊंचाई गिरने से 15 यात्री घायल हुए। जांच में पता चला कि तीव्र सौर विकिरण ने उड़ान नियंत्रण से जुड़ा डाटा प्रभावित कर दिया।

सबसे पहले, एयरबस ने बताया कि दुनिया भर में उसकी A320 फैमिली के आधे से अधिक विमानों को तुरंत सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत है। भारत में एयरलाइंस लगभग 560 A320 फैमिली विमान चलाती हैं। इनमें से 200 से ज्यादा विमानों को सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर सुधार की आवश्यकता है। इसलिए कई विमानों को जमीन पर खड़ा करना पड़ सकता है।

इसके बाद, एयरलाइंस ने अपने बयान जारी किए। इंडिगो ने कहा कि वह एयरबस के साथ मिलकर सभी निर्देशों का पालन कर रही है। उसने निरीक्षण शुरू कर दिए और यात्रियों को भरोसा दिलाया कि वह बाधाओं को कम करने की कोशिश कर रही है।

दूसरी ओर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि वह तुरंत एहतियाती कदम उठा रही है। उसने बताया कि उसके अधिकांश विमान सुरक्षित हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देश सभी ऑपरेटरों पर लागू होते हैं। इसलिए वह उड़ानों में बदलाव कर सकती है, जिससे देरी या रद्दीकरण बढ़ सकता है।

एयर इंडिया ने भी स्थिति स्पष्ट की। उसने कहा कि बेड़े के कुछ हिस्सों में सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर को फिर से व्यवस्थित करना जरूरी होगा। इससे टर्नअराउंड टाइम बढ़ेगा और उड़ानों में देरी होगी।

इसके बाद, एयरबस ने अपना विस्तृत बयान दिया। कंपनी ने कहा कि 6,500 से अधिक A320 सीरीज के विमान इस अपडेट के दायरे में आते हैं। उसने चेताया कि यह अपडेट अगली उड़ान से पहले पूरा होना चाहिए। एयरबस ने कहा कि यह समस्या उड़ान नियंत्रण प्रणाली में डाटा करप्शन से जुड़ी है, जिसे तीव्र सौर विकिरण प्रभावित करता है। यह जोखिम A319, A320 और A321 के पुराने और नए दोनों मॉडलों पर असर डाल सकता है।

उधर, डीजीसीए ने कड़ा आदेश जारी किया। उसने A318, A319, A320 और A321 संचालित करने वाली सभी एयरलाइंस को साफ निर्देश दिया कि वे केवल वही विमान उड़ाएं जिनमें अनिवार्य मॉडिफिकेशन पूरे हो चुके हों। उसने कहा कि ऑपरेटर अपनी सूची अपडेट रखें और अनुपालन की पुष्टि करें। डीजीसीए ने एयरलाइंस को एयरवर्दीनेस प्रक्रिया मैनुअल के अनुसार रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया।

अब जबकि सभी एयरलाइंस सुधार कार्य में जुट गई हैं, यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कंपनियां कह रही हैं कि वे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर संचालन सामान्य करने की दिशा में काम कर रही हैं।


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