सबसे पहले, आईएमडी ने बताया कि दित्वाह श्रीलंका के पास और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर घूम रहा था। बाद में तूफान उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा। आईएमडी प्रमुख डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि दित्वाह शनिवार सुबह तक पूरी तरह खाड़ी में आएगा और फिर थोड़ी तेज़ी पकड़ेगा। इसके बाद तूफान उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ेगा।
इसके साथ ही, विभाग ने तटीय तमिलनाडु में शनिवार को बेहद भारी बारिश का अनुमान जताया। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी होगी। इस चेतावनी के बाद मौसम केंद्र ने कड्डलोर, मयिलादुथुरै, विलुपुरम, चेंगलपट्टू और पुडुचेरी में रेड अलर्ट घोषित किया।
उधर, तूफान ने हवाओं की रफ्तार भी बढ़ा दी। विभाग ने 70–80 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान जताया, जो रविवार सुबह तक 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसलिए तटीय इलाकों में पेड़ गिरने, होर्डिंग्स टूटने और कच्चे घरों के नुकसान का खतरा बढ़ गया।
इसके अलावा, विभाग ने चेतावनी दी कि जब दित्वाह रविवार को तट के और करीब पहुंचेगा, तब उत्तर तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में बेहद भारी वर्षा होगी। इससे शहरी इलाकों में जलभराव तेज़ी से बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।
तूफान किसानों के लिए भी चिंता का कारण बना। मजबूत हवाएं और लगातार बारिश सब्जियों, फूलों और बागवानी फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। पकने की स्थिति में खड़ी फसलें जोखिम में आ गई हैं।
इसके बाद, विभाग ने कहा कि बारिश 1 दिसंबर से कम होने लगेगी। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश भी संभव है।
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी दित्वाह का असर दिख रहा है। केरल में शनिवार को कई जगह हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी होगी। इसी तरह, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में शनिवार को व्यापक बारिश होगी। रविवार को इन क्षेत्रों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। तेलंगाना में भी रविवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
दित्वाह लगातार तट की ओर बढ़ रहा है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की।