हांगकांग में भीषण अग्निकांड: 7 टावर जलकर खाक, 44 मौतें, तीन लोग गिरफ्तार
हांगकांग—शहर ने गुरुवार को एक भयावह त्रासदी देखी। ताई पो जिले के सात ऊंचे आवासीय टावरों में लगी आग ने 44 लोगों की जान ले ली। सैकड़ों लोग लापता रहे। दर्जनों लोग अस्पतालों में भर्ती हुए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज किया और जांच तुरंत शुरू कर दी।
आग बुधवार दोपहर वांग फुक कोर्ट परिसर में भड़की। यह परिसर आठ इमारतों और करीब दो हजार फ्लैटों वाला एक बड़ा आवासीय क्षेत्र है। मरम्मत का काम चल रहा था। इसलिए बांस की ऊंची मचानों पर पूरा ढांचा टिका था। इसी दौरान आग तेज लपटों के साथ फैलने लगी। तेज हवाओं ने आग को और उकसाया। कुछ ही मिनटों में कई टावर आग की लपटों में घिर गए।
गुरुवार सुबह भी कुछ फ्लैटों से धुआं निकलता रहा। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे। आग ने इलाके के बड़े हिस्से को राख में बदल दिया था। टीमों को कई मंजिलों पर पहुंचने में कठिनाई आई। तापमान बेहद ऊंचा था और कई जगह मचान टूटकर गिर रहे थे। बावजूद इसके दमकलकर्मी लगातार अंदर घुसने की कोशिश करते रहे।
आग लगने के तुरंत बाद पुलिस ने जांच शुरू की। गुरुवार तड़के पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों ने मरम्मत कार्य के दौरान ज्वलनशील सामग्री, खासकर फोम पैकेजिंग, लापरवाही से वहीं छोड़ दी। इससे आग तेजी से फैली। पुलिस ने एक अन्य इलाके में छापे भी मारे और दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों ने कहा कि तीनों लोग गंभीर लापरवाही के आरोपों का सामना कर सकते हैं।
स्थानीय लोग सदमे में थे। 65 वर्षीय निवासी यूएन ने कहा कि मरम्मत के कारण कई घरों की खिड़कियां बंद थीं। कई बुजुर्गों को आग का पता ही नहीं चला। पड़ोसियों ने उन्हें फोन कर बाहर निकलने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इस दृश्य ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।
सरकार ने सुबह मरने वालों की संख्या 44 बताई। इनमें एक 37 वर्षीय दमकलकर्मी भी शामिल है, जो ऑपरेशन के दौरान टीम से अलग हो गया था। अधिकारी उसे चेहरे पर गंभीर जलन के साथ मिले। सरकार ने बताया कि 56 लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। 16 की हालत नाजुक, 24 की गंभीर और 16 की स्थिति स्थिर थी।
शहर के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने बताया कि शुरू में 279 लोग संपर्क से बाहर थे। बाद में कुछ से संपर्क हुआ, लेकिन पूरी सूची अभी भी बदल रही थी। करीब 900 लोग अस्थायी शरणस्थलों में पहुंचे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि रातभर लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में आते रहे।
इलाके में चारों तरफ तबाही का मंजर दिखा। जलती मचान सड़कों पर गिर गई। कई फ्लैटों से आग खिड़कियों से बाहर फेंकती दिखी। आसमान नारंगी रोशनी से भर गया। प्रशासन ने आसपास की सड़कें बंद कीं और कई इमारतें खाली कराईं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शोक संदेश भेजा और दमकलकर्मी की बहादुरी को सलाम किया। जॉन ली ने भी दुख जताया और राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया।
ताई पो के लोगों ने कहा कि आग दिल दहला देने वाली थी। कई लोग अपने घरों को छोड़ने से डर रहे थे। उन्होंने सरकार से विस्थापित परिवारों की मदद करने की अपील की।
हांगकांग ने पहले ऐसे हादसों को बार-बार देखा था। लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा में सुधार हुआ था। इस त्रासदी ने शहर को फिर सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालों का सामना कराया है।
