स्ट्रेट ऑफ मलक्का ने बुधवार सुबह मौसम का गंभीर दौर देखा, जब गहरे द्रोह क्षेत्र ने तेजी से ताकत बढ़ाई और चक्रवात ‘सेंयार’ का रूप ले लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तड़के इसकी पुष्टि की और कहा कि तूफान दोपहर तक इंडोनेशिया तट पर पहुँच सकता है। इस तेज बदलाव ने कई राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी।
चक्रवात का गठन और दिशा
IMD के वैज्ञानिक लगातार इस सिस्टम को ट्रैक करते रहे। वे बताते हैं कि द्रोह क्षेत्र ने छह घंटे में लगभग 10 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़त बनाई। सुबह 5:30 बजे तक यह चक्रवात ‘सेंयार’ में बदल गया। इसका केंद्र स्ट्रेट ऑफ मलक्का और उत्तर-पूर्वी इंडोनेशिया के हिस्सों में बना रहा। यह इलाका अंडमान सागर और दक्षिण चीन सागर को जोड़ता है। इसलिए तूफान का असर व्यापक समुद्री क्षेत्रों और तटों तक जा सकता है।
IMD कहता है कि चक्रवात अगले 24 घंटे तक अपनी ताकत रखेगा। यह आज इंडोनेशिया तट को छुएगा। इसके बाद यह पश्चिम-दक्षिण पश्चिम की ओर झुकेगा और फिर अगले 48 घंटों में पूर्व की ओर मुड़ जाएगा। तूफान पूरे दिन 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएँ ला सकता है।
अंडमान-निकोबार में बारिश का असर
चक्रवात बनने के बाद अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बारिश बढ़ गई। IMD ने निकोबार के ज़्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया। साथ ही 26 और 27 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की। बारिश 28 नवंबर के बाद धीरे-धीरे कम होगी। अधिकारियों ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
बंगाल की खाड़ी में दूसरा सिस्टम
इसी बीच, बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र और मजबूत हुआ। IMD कहता है कि यह क्षेत्र अच्छी तरह विकसित निम्न दबाव प्रणाली में बदल गया। यह उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा और अगले 24 घंटों में अवसाद का रूप ले सकता है। यह सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश का दायरा बढ़ा रहा है।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में बारिश
तमिलनाडु पहले ही सोमवार को भारी बारिश झेल चुका है। तटीय तूतीकोरिन के कई इलाकों में पानी भर गया। अब नया सिस्टम राज्य में और बारिश ला रहा है। IMD के अनुसार तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल कई स्थानों पर तेज बारिश देखेंगे। तमिलनाडु में 26 से 29 नवंबर के बीच गर्जन-तड़ित के साथ तूफानी मौसम बनेगा। केरल और माहे में 26 और 27 नवंबर को यही स्थिति दिख सकती है।
वैज्ञानिक कहते हैं कि यह अवसाद आगे चलकर चक्रवात भी बन सकता है। इससे तटीय क्षेत्रों में खतरे की आशंका बढ़ गई है। राज्य प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
स्कूल-कॉलेज पर फैसला
भारी बारिश ने तमिलनाडु के कई जिलों में जनजीवन बाधित किया। प्रशासन ने मंगलवार को स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए। लेकिन बुधवार के लिए अभी आधिकारिक सूचना का इंतज़ार है। अधिकारी कहते हैं कि वे IMD की अगली चेतावनी के बाद निर्णय लेंगे।
सेंयार के तेज़ी से बढ़ते प्रभाव और बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम के साथ दक्षिण भारत एक अस्थिर मौसम चरण में प्रवेश कर चुका है। IMD लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।