अयोध्या में केसरिया ध्वज चढ़ा; PM मोदी बोले—“आज देश सदियों पुराने घाव भर रहा है”

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अयोध्या, UP – मंगलवार सुबह ऐतिहासिक क्षण देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर पहुँचे। उन्होंने मंदिर के शीर्ष पर केसरिया ध्वज चढ़ाया। यह ध्वज मंदिर निर्माण की पूर्णता का संकेत देता है। मोदी ने इस ध्वज को श्रद्धा के साथ थामा। फिर उन्होंने इसे मंदिर की चोटी पर स्थापित किया।

ध्वज त्रिकोणाकार है। इसमें तेजस्वी सूर्य का चिन्ह है। यह भगवान राम की शक्ति और तेज का संकेत देता है। ध्वज पर ‘ॐ’ भी अंकित है। इसके साथ कोविडर वृक्ष का प्रतीक भी बना है। मोदी ने कहा कि यह ध्वज मर्यादा, सम्मान और सांस्कृतिक निरंतरता को जोड़ता है। उन्होंने इसे राम राज्य की भावना का प्रतीक बताया।

मोदी मंदिर परिसर में विशेष पूजा में शामिल हुए। योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनकी अगुवाई में मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मंदिर परिसर में साधु, विद्वान और देशभर से आए अतिथि जुटे थे। मोदी ने कार्यक्रम के बाद सभी से मुलाकात की। उन्होंने साधुओं से संवाद किया। फिर उन्होंने आमंत्रित अतिथियों का अभिवादन किया।

इसके बाद मोदी ने देश के लिए संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत नई दिशा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश को भगवान राम से सीख लेनी चाहिए। मोदी ने कहा कि राम का जीवन आदर्शों से भरा है। उन्होंने कहा कि देश को राम के व्यवहार और मूल्य अपनाने चाहिए।

मोदी ने देश को दूरदर्शी सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को केवल वर्तमान पर नहीं टिकना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 को लक्ष्य बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के प्रयास देश का भविष्य मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को अगले हजार वर्षों की नींव आज तैयार करनी होगी।

मोदी ने छोटी सोच के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो केवल वर्तमान देखते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। उन्होंने कहा कि देश हमसे पहले भी था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत जीवंत सभ्यता है और उसे दूर तक देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को आने वाले दशकों और सदियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए।

अयोध्या में आज का कार्यक्रम उसी भावना का हिस्सा है। मोदी ने कहा कि देश आज सदियों पुराने घाव भरता देख रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल मंदिर का निर्माण नहीं है। यह सांस्कृतिक एकता का क्षण भी है। उन्होंने कहा कि यह भारत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

इस तरह अयोध्या ने नया अध्याय खोला। मंदिर निर्माण पूरा हो चुका है। ध्वजारोहण ने इस यात्रा को संपूर्ण बना दिया। देशभर में इसका उत्साह दिखा। अयोध्या में श्रद्धा और उत्सव दोनों साथ दिखे।


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