पेशावर हमले के बाद पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान पर बम बरसाए, 9 बच्चों की मौत
इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव मंगलवार को और बढ़ गया। पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में कुल 10 लोग मारे गए। इनमें 9 बच्चे शामिल रहे। पाकिस्तान ने यह कार्रवाई पेशावर में हुए आत्मघाती हमले के अगले ही दिन की।
पहले पेशावर की घटना समझें। सोमवार को हमला करने वालों ने पाकिस्तान की पैरामिलिट्री फोर्स के मुख्यालय को निशाना बनाया। इस हमले में छह सुरक्षाकर्मी मारे गए। एक हमलावर ने मुख्य गेट पर खुद को उड़ा लिया। सुरक्षाबलों ने दो अन्य हमलावरों को परिसर के पार्किंग क्षेत्र में मार गिराया। जमात-उल-अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। यह संगठन TTP के लड़ाकों से बना है।
अब मंगलवार की कार्रवाई पर लौटते हैं। आधी रात के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफ़ग़ानिस्तान के खोस्त प्रांत के गुरबुज़ ज़िले पर हमला किया। तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तान ने एक स्थानीय नागरिक वलियात खान के घर को निशाना बनाया। इस घर में पांच लड़के, चार लड़कियाँ और एक महिला मौजूद थे। सभी की मौत हो गई। यह हमला किसी सैन्य लक्ष्य पर नहीं हुआ। यह पूरा घर चंद ही मिनटों में मलबे में बदल गया।
इसके बाद पाकिस्तानी विमानों ने कुनर और पकतिका प्रांतों में भी हमला किया। मुजाहिद ने कहा कि इन हमलों में चार और नागरिक घायल हुए। उन्होंने पाकिस्तान के इस कदम को सीधे तौर पर “आक्रामक कार्रवाई” कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अफ़ग़ानिस्तान इन हवाई हमलों को हल्के में नहीं लेगा।
पाकिस्तान ने इन हमलों पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया। हालांकि, वह पहले भी ऐसे हमलों को TTP के ठिकानों पर कार्रवाई बताता रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान पर यह आरोप लगाता है कि वह TTP नेताओं को शरण देता है। हाल के हफ्तों में पाकिस्तान में बढ़ते आत्मघाती हमलों ने उसकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
इस पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के ख़्वाजा आसिफ़ लगातार कठोर भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा कि अगर शांति वार्ता टूटती है तो पाकिस्तान “खुले युद्ध” की स्थिति में जा सकता है। इस बात ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और गहरा कर दिया।
अब हालात फिर उसी मोड़ पर खड़े दिखाई देते हैं। अक्टूबर में सीमा पर हुए संघर्षों ने दोनों ओर सैकड़ों लोगों की जान ली। बाद में एक अस्थायी युद्धविराम हुआ, पर यह समझौता कागज से आगे नहीं बढ़ पाया। अफ़ग़ानिस्तान के भीतर लगातार हमलों की रिपोर्टें सामने आती रहीं।
अब पाकिस्तान ने सीधे अपने पड़ोसी देश पर बम बरसा दिए। अफ़ग़ानिस्तान इस कार्रवाई को उकसावे की कोशिश मान रहा है। दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास लौट आया है। क्षेत्र में शांति की उम्मीद फिर कमजोर पड़ रही है।
