पेशावर में सुरक्षा बलों के ठिकाने पर आतंकी धावा, आत्मघाती हमलावर शामिल

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पेशावर, पाकिस्तान– पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार सुबह एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। बंदूकधारियों और फिदायीन हमलावरों ने फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी (FC) मुख्यालय को निशाना बनाया। हमला होते ही शहर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।

सबसे पहले पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने मुख्य गेट को निशाना बनाया। पेशावर के पुलिस प्रमुख मियां सईद ने कहा कि हमले में तीन FC जवानों की मौत हुई। यह जवान मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात थे। इसके अलावा चार लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि एक हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जबकि सुरक्षाबलों ने दो अन्य हमलावरों को मार गिराया।

इसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए। सोशल मीडिया पर स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने दो धमाकों की आवाज सुनी। कई वीडियो में लगातार गोलियों की आवाज भी रिकॉर्ड हुई। जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आती गई, यह साफ हो गया कि हमले में दो फिदायीन शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि पहले हमलावर ने गेट के पास विस्फोट किया। दूसरे हमलावर ने इस मौके का फायदा उठाकर परिसर में घुसने की कोशिश की।

इसी बीच सुरक्षाबलों ने सड़कें बंद कर दीं और पूरे इलाके को घेर लिया। FC मुख्यालय के बाहर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। इससे आसपास के इलाकों में यातायात थम गया और लोगों में डर बढ़ गया। कई निवासी लगातार इस बात की पुष्टि करते रहे कि हमला काफी देर तक चला और फायरिंग रुक-रुक कर सुनाई देती रही।

फिलहाल पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां हमले की जिम्मेदारी और मंसूबे की जांच कर रही हैं। पेशावर पिछले कई महीनों से आतंकी गतिविधियों में वृद्धि देख रहा है। इसके बावजूद इस स्तर का हमला सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

अधिकारियों ने कहा कि वे पूरे परिसर की तलाशी ले रहे हैं और दूसरे संभावित हमलावरों की तलाश जारी है। साथ ही आसपास के सरकारी दफ्तरों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शहर में हाई अलर्ट जारी है और पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

पेशावर में इस ताजा हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर किया है। सुरक्षा बलों ने दावा किया कि उन्होंने तेजी से प्रतिक्रिया दी और बड़े नुकसान को रोका। हालांकि शहर में फैली दहशत यह दिखाती है कि खतरा अभी भी बना हुआ है।

हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान कई मोर्चों पर राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अस्थिर माहौल आतंकी समूहों को फिर से सक्रिय होने का मौका देता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन अब सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहा है।

इस घटना के बाद पाकिस्तान सरकार पर हमलों को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाने का दबाव और बढ़ गया है। पेशावर जैसे संवेदनशील शहर में सुरक्षा चूक देशव्यापी चिंता का कारण बन गई है।


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