नई दिल्ली – राजधानी में हवा फिर संकट की ओर बढ़ी। शनिवार को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बने AQI ने हालात बिगाड़ दिए। इसलिए CAQM ने NCR में प्रदूषण-नियंत्रण के नियम और कड़े कर दिए। आयोग ने GRAP के संशोधित संस्करण को लागू किया और तुरंत प्रभाव से कई कदम आगे बढ़ाए।
सबसे पहले आयोग ने पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि GRAP एक आपात योजना है, जो पूरे NCR के औसत AQI और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर तैयार होती है। अब इस योजना में बड़े बदलाव हुए हैं। आयोग ने पहले स्टेज-II में शामिल कई नियमों को स्टेज-I में डाल दिया। इससे खराब (Poor) श्रेणी में ही कड़े उपाय लागू हो जाएंगे।
आयोग ने कहा कि लगातार बिजली उपलब्ध कराना ज़रूरी है, ताकि लोग डीज़ल जेनरेटर न चलाएँ। साथ ही ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए चौराहों पर अतिरिक्त कर्मी तैनात होंगे। सरकार अखबारों, टीवी और रेडियो के ज़रिए प्रदूषण अलर्ट जारी करेगी। इसके अलावा CNG और इलेक्ट्रिक बसों में बढ़ोतरी होगी। मेट्रो के फेरे भी बढ़ेंगे। अलग-अलग समय पर अलग किराया लागू होगा, ताकि भीड़ कम हो।
इसके बाद आयोग ने स्टेज-II में भी बदलाव किए। पहले स्टेज-III में आने वाले नियम अब स्टेज-II में लागू होंगे। ‘बहुत खराब’ AQI के दौरान ही सरकारी और नगर निगम दफ्तरों में समय बदलना होगा। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में यह निर्देश तुरंत लागू होंगे। केंद्र सरकार भी अपने दफ्तरों के समय में बदलाव कर सकती है। NCR के अन्य जिलों में राज्य सरकारें अपनी स्थिति के अनुसार कदम उठाएँगी।
हालात और बिगड़ने के कारण आयोग ने स्टेज-III में भी एक बड़ा बदलाव किया। पहले स्टेज-IV में लागू होने वाले कुछ नियम अब स्टेज-III में लागू होंगे। अब NCR राज्य सरकारें और दिल्ली सरकार यह तय करेंगी कि क्या दफ्तरों में केवल 50% कर्मचारी बुलाना चाहिए। बाकी कर्मचारियों को घर से काम की अनुमति मिल सकती है। केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा ही फैसला ले सकती है।
दिल्ली की हवा लगातार गिर रही है। आयोग ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और समय रहते कदम उठाना ज़रूरी है। आयोग ने सभी एजेंसियों को सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि अगर हवा और गिरती है तो अतिरिक्त कदम भी लागू होंगे। NCR में प्रदूषण से निपटने के लिए यह अब तक की सबसे आक्रामक कार्रवाई मानी जा रही है।
राजधानी में लोग लगातार सांस की दिक्कत, आंखों में जलन और बाहर निकलने में परेशानी की शिकायत कर रहे हैं। अस्पतालों में मरीज बढ़ रहे हैं। इसलिए विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि दिल्ली और NCR अगले कुछ दिनों में और सख्त कदम देख सकते हैं, क्योंकि हवा में सुधार के अभी कोई संकेत नहीं मिल रहे।
इस तरह राजधानी फिर आपात स्थिति के करीब पहुँच गई है। सरकारें अब हवा में सुधार के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही हैं, ताकि लोगों को राहत दी जा सके।