ज़ेलेंस्की बोले—अमेरिका के साथ “ईमानदार काम” करने को तैयार, लेकिन शांति योजना पर कई सवाल बरकरार
कीव, यूक्रेन – यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह अमेरिका के साथ “ईमानदार काम” करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह रुख तब अपनाया, जब वाशिंगटन ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए एक ड्राफ्ट शांति योजना साझा की। यह योजना कई विवादों के कारण अचानक सुर्खियों में आ गई।
अमेरिकी मीडिया ने रिपोर्ट जारी की और बताया कि यह प्रस्ताव यूक्रेन से डोनबास के उन इलाकों को छोड़ने की मांग करता है, जिन पर कीव अभी नियंत्रण रखता है। योजना यूक्रेन से सेना घटाने और नाटो में शामिल न होने की प्रतिज्ञा की भी मांग करती है। इस शर्त ने कीव में चिंता बढ़ा दी, क्योंकि यह रुख सीधे रूस के हितों को मजबूत करता है।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बात करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह केवल “सम्मानजनक और न्यायपूर्ण” समाधान चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक तौर पर यह नहीं बताया कि कीव को इस योजना से कौन-सी बातें स्वीकार्य हैं और कौन-सी नहीं।
व्हाइट हाउस ने विवाद को कम करने की कोशिश की। प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि वाशिंगटन ने दोनों पक्षों से “समान रूप से बात” की। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रम्प इस योजना का समर्थन करते हैं। लेविट ने यह जोड़ा कि अमेरिकी दल पिछले एक महीने से शांति प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इस टीम में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं। यह दल मास्को और कीव के नेताओं से लगातार बात कर रहा है।
इस बीच, ज़ेलेंस्की के सलाहकारों ने बयान दिया कि यूक्रेन योजना की शर्तों पर “काम करने” के लिए तैयार है, लेकिन वह युद्ध को सम्मानजनक तरीके से खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम अभी सभी बिंदुओं का मूल्यांकन कर रही है।
कीव में गुरुवार को ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल, चीफ़ ऑफ़ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज और यूरोप में तैनात अमेरिकी कमांडर जनरल क्रिस डोनाह्यू शामिल थे। ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह अमेरिका के प्रयासों की कद्र करते हैं, लेकिन वह यूक्रेन की “गरिमा और सुरक्षा” पर समझौता नहीं करेंगे।
यूरोप ने दूरी बनाए रखी। ईयू विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा कि उन्हें इस योजना की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “किसी भी समाधान के लिए यूक्रेन और यूरोप की सहमति ज़रूरी है।”
मास्को ने भी प्रतिक्रिया दी। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका के साथ “संपर्क” तो हुआ है, लेकिन इसे “औपचारिक परामर्श” नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी शांति समझौते को युद्ध के “मूल कारणों” को हल करना होगा—और मास्को अक्सर इस शब्दावली का इस्तेमाल अपनी कड़ी मांगों को सही ठहराने के लिए करता है।
ब्रिटेन ने साफ रुख अपनाया। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यूक्रेन ही अपना भविष्य तय करेगा और दुनिया को इस सिद्धांत का सम्मान करना चाहिए।
इसी बीच, मैदान पर हालात बिगड़ते रहे। रूस ने गुरुवार रात ज़ापोरिज़्ज़िया पर हमला किया और इस हमले में पाँच लोग मारे गए। इससे पहले टर्नोपिल शहर पर मिसाइल और ड्रोन हमले में 26 लोग मारे गए। ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह इन हमलों को “अमानवीय और अस्वीकार्य” मानते हैं।
यूक्रेन युद्ध अपने चौथे साल में प्रवेश करने वाला है। लेकिन कीव और मास्को अब भी समाधान पर सहमत नहीं हैं। अमेरिका की नई शांति योजना ने बातचीत को फिर जीवित किया, लेकिन इस मार्ग पर कई नई बाधाएँ भी खड़ी कर दीं।
