सितारों का उतार–चढ़ाव: बिहार चुनाव में भोजपुरी स्टार और सोशल मीडिया सिंगर्स को मिला मिला-जुला जवाब
पटना – पटना में शुक्रवार को चुनावी माहौल ने एक अलग ही रंग पकड़ लिया। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार राजनीतिक नेताओं के साथ कई सितारों ने भी मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। हालांकि, जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी और एनडीए भारी बढ़त की ओर बढ़ा, इन सितारों की राजनीतिक किस्मत भी बदलती दिखाई दी। कुछ ने मजबूत शुरुआत दिखायी, जबकि कई स्टार उम्मीदवारों की चमक फीकी पड़ गई।
सबसे पहले बात करते हैं खेसारी लाल यादव की। भोजपुरी सिनेमा के बड़े स्टार खेसारी लाल ने छपरा से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा। दोपहर 2:30 बजे तक वह भाजपा उम्मीदवार छोटी कुमारी से लगभग 20,000 वोटों से पीछे चल रहे थे। उन्होंने चुनाव से पहले राम मंदिर पर एक बयान देकर विवाद भी खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मंदिर आस्था का विषय है, लेकिन देश शिक्षा से चलता है।
उनके गानों को लेकर भी उन पर अश्लीलता के आरोप लगे। खेसारी ने जवाब दिया कि छपरा की समस्याएँ उनके गानों की वजह से नहीं हैं। हालांकि, उनके वर्कआउट वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सराहे गए।
अब चलते हैं रितेश पांडेय की ओर। पांडेय गायक, अभिनेता और मॉडल हैं। उनका गाना ‘हैलो कौन’ 2020 में एक अरब व्यूज़ पार कर चुका है। वह कारगार सीट से जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। लेकिन गिनती शुरू होते ही उनका ग्राफ तेज़ी से नीचे आया। 2:30 बजे तक वह जदयू के उम्मीदवार बशिष्ठ सिंह से 36,000 से अधिक वोटों से पीछे थे।
इसी बीच, मैथिली ठाकुर ने बड़ा राजनीतिक प्रभाव दिखाया। 1.1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स वाली यह युवा आध्यात्मिक गायिका अलीनगर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही थीं। शुरुआती रुझानों में वह निर्णायक बढ़त हासिल कर चुकी थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2024 में उनके भक्तिगीतों की सराहना की थी। सरकार ने उन्हें ‘कल्चरल एंबेसडर ऑफ द ईयर’ का खिताब भी दिया था।
मैथिली इस चुनाव में भाजपा की सबसे मजबूत युवा चेहरों में से एक बनकर उभरीं।
इसके बाद बात करते हैं ज्योति सिंह की। वह भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी हैं और करकट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरीं। चुनाव से पहले पति-पत्नी के बीच आरोपों का दौर चला और यह सीट हाई-प्रोफाइल मुकाबले में बदल गई। यहां जदयू के महाबली सिंह, सीपीआई (एमएल) के अरुण सिंह और जन सुराज के योगेंद्र सिंह ने भी जोरदार दावा पेश किया।
2:30 बजे तक ज्योति सिंह तीसरे स्थान पर थीं और महाबली सिंह से 32,000 वोट पीछे थीं।
पटना और पूरे बिहार में इन सितारों की एंट्री ने चुनाव को और आकर्षक बना दिया। लेकिन जैसे ही एनडीए भारी बहुमत की ओर बढ़ा, राजनीतिक पटल पर भी यह साफ हो गया कि लोकप्रियता और राजनीति एक समान नहीं चलते। कई सितारों की चमक छट गई, जबकि कुछ ने पहली ही बार में मज़बूत पहचान बना ली।
