नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि लाल किला विस्फोट में मारा गया शख्स पुलवामा का डॉक्टर उमर उन नबी था। वह 35 वर्ष का था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम करता था।
सोमवार शाम लाल किले के बाहर सफेद हुंडई i20 कार में हुए धमाके के बाद जांच टीम ने कार के अंदर से एक कटा हुआ पैर बरामद किया था। यह पैर स्टीयरिंग और एक्सीलेरेटर के बीच फंसा मिला। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने डीएनए जांच में पुष्टि की कि यह पैर उमर उन नबी का ही था।
जांचकर्ताओं ने नबी की मां का डीएनए सैंपल पुलवामा से लेकर दिल्ली भेजा। एफएसएल अधिकारियों ने मौखिक रूप से पुलिस को बताया कि दोनों सैंपल पूरी तरह मेल खाते हैं। यह जांच विस्फोट मामले में पुलिस के लिए सबसे अहम सबूत साबित हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीएनए मैचिंग से नबी की सीधी भूमिका सामने आई है। जांच में यह घटना आतंकी साजिश के रूप में स्थापित हुई है। पुलिस ने विस्फोट स्थल और आसपास की दुकानों व धार्मिक स्थलों से कई अवशेष और अंग बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, नबी ने विस्फोट से 11 दिन पहले फरीदाबाद में एक कार डीलर से यह i20 खरीदी थी। वह डीलर और उसके सहयोगी आमिर राशिद के साथ दिखाई दिया था। पुलिस ने बताया कि 30 अक्टूबर को जब जम्मू-कश्मीर में डॉ. मुज़म्मिल शकील गनई और डॉ. आदिल राथर की गिरफ्तारी हुई, तो नबी छिप गया।
दोनों डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने फरीदाबाद में 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट, डिटोनेटर, टाइमर और असॉल्ट राइफल्स रखी थीं। पुलिस का कहना है कि नबी ने भी इस सामग्री को संग्रहित करने और पहुंचाने में मदद की।
पुलिस के मुताबिक, रविवार रात जब बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई, तो नबी घबरा गया और डिटोनेटर लेकर दिल्ली भाग गया। सीसीटीवी फुटेज में वह बदरपुर बॉर्डर, कनॉट प्लेस, तुर्कमान गेट, सुनेहरी मस्जिद और आखिर में लाल किला इलाके में घूमता दिखा।
अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के समय नबी कार में अकेला था। जांच टीम ने बाद में उसकी लाल रंग की फोर्ड ईकोस्पोर्ट फरीदाबाद से बरामद की। शुरुआती जांच में पाया गया कि उसने इस कार का इस्तेमाल अमोनियम नाइट्रेट ले जाने के लिए किया था।
पुलिस ने नबी की मां और दो भाइयों से भी पूछताछ की। मां का डीएनए सैंपल मिलते ही दिल्ली पुलिस ने केस में बड़ा कदम आगे बढ़ाया।
अब जांच टीम नबी के फंडिंग नेटवर्क और हैंडलर्स की तलाश कर रही है। दिल्ली, हरियाणा और कश्मीर तक फैले इस मॉड्यूल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली पुलिस ने एनआईए को मामले में शामिल किया है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जांच अधिकारी मानते हैं कि डीएनए जांच ने साजिश की जड़ तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया है।