नोवो नॉर्डिस्क ने मोटापा घटाने वाली दवा वेगोवी के दाम घटाए, अब होगी ज्यादा सुलभ
डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने अपने लोकप्रिय साप्ताहिक इंजेक्शन वेगोवी (Wegovy) की कीमतों में बड़ी कटौती की है। कंपनी ने कहा कि यह कदम मोटापे और अधिक वजन से जूझ रहे लोगों के लिए दवा को और सुलभ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारत में मोटापा अब केवल दिखावे की समस्या नहीं बल्कि एक गंभीर लाइफस्टाइल रोग के रूप में तेजी से बढ़ रहा है।
नई कीमतें
कंपनी ने बताया कि वेगोवी की शुरुआती खुराक 0.25 मिलीग्राम अब प्रति सप्ताह ₹2,712 में उपलब्ध होगी। यह दवा भारत में जून 2025 में लॉन्च हुई थी और फ्लेक्सटच पेन इंजेक्टर के रूप में मिलती है।
सबसे ऊंची खुराक 2.4 मिलीग्राम का मासिक पैक अब ₹16,400 में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹24,389.06 थी। वहीं, 0.25 मिलीग्राम की सबसे कम खुराक का मासिक पैक अब ₹10,850 में मिलेगा, जो पहले ₹16,260.94 था।
दवा की खासियत
वेगोवी भारत में पहली और एकमात्र ऐसी दवा है जिसे मोटापे के दीर्घकालिक प्रबंधन और हृदय रोग जोखिम में कमी के लिए मंजूरी मिली है। यह सप्ताह में एक बार लगने वाला इंजेक्शन है जो शरीर में भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन की तरह काम करता है। यह व्यक्ति की खाने की मात्रा घटाता है और वजन कम करने में मदद करता है, खासकर तब जब डाइट और एक्सरसाइज से फर्क नहीं पड़ता।
वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि इस दवा के उपयोग से लगभग तीन में से एक व्यक्ति को 20% तक वजन घटाने में मदद मिली।
कंपनी का बयान
नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के प्रबंध निदेशक विक्रांत श्रीत्रिया ने कहा, “हमने मरीजों और डॉक्टरों की बातें सुनीं। यह मूल्य संशोधन हमारे मिशन को दर्शाता है—भारत में मोटापे के लिए प्रभावी, सुरक्षित और टिकाऊ इलाज उपलब्ध कराना।”
उन्होंने बताया कि भारत में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और यह टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों जैसी बीमारियों की जड़ बनता जा रहा है। कंपनी चाहती है कि सस्ती कीमतों से अधिक मरीज अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण पा सकें।
भारत में मोटापे की बढ़ती चुनौती
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के अनुसार, भारत में हर चार में से एक वयस्क अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त है। शहरी क्षेत्रों में यह दर और अधिक है। अब तक वजन घटाने के वैज्ञानिक इलाज महंगे और सीमित थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल डाइट और व्यायाम कई बार असर नहीं करते। ऐसे में जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट वर्ग की दवाएं, जैसे वेगोवी, दीर्घकालिक मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए प्रभावी विकल्प बन सकती हैं।
करीब 37% कीमत में कटौती के बाद अब भारत में मोटापा उपचार बाजार अधिक मरीज-केंद्रित और जागरूक बनता दिख रहा है।
