IFFI 2025 में केवल पुरुष जूरी सदस्य चुने जाने पर इंटरनेट ने जताई नाराज़गी, कहा—‘महिलाएं कहां हैं?’

0
iffi

गोवा – अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) की 56वीं संस्करण की जूरी सूची जारी होते ही सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। लोगों ने महोत्सव की आलोचना की क्योंकि इस बार इंडियन पैनोरमा सेक्शन में चुनी गई जूरी में एक भी महिला शामिल नहीं है।

पृष्ठभूमि: गोवा में 20 से 28 नवंबर तक होगा आयोजन

IFFI 2025 का आयोजन 20 से 28 नवंबर तक गोवा में होगा। यह एशिया का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव माना जाता है। हर साल यहां भारत और विदेशों की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को प्रदर्शित किया जाता है। इस बार महोत्सव में 81 देशों की 240 से अधिक फिल्में दिखाई जाएंगी। इसमें 13 वर्ल्ड प्रीमियर, चार इंटरनेशनल प्रीमियर और 46 एशियन प्रीमियर शामिल हैं।

IFFI ने जारी की जूरी सूची, विवाद बढ़ा

मंगलवार को IFFI के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इंडियन पैनोरमा – फीचर फिल्म्स कैटेगरी की जूरी की घोषणा की गई। पोस्ट में लिखा गया, “मिलिए हमारे सम्मानित जूरी सदस्यों से, जो 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट कृतियों का चयन करेंगे।”

IFFI ने बताया कि इस बार जूरी के चेयरमैन अभिनेता और फिल्मकार राजा बुंदेला हैं। उनके साथ जूरी में कृष्णा हेब्बाले, कमलेश के मिश्रा, मलय राय, सुभाष सेहगल, जदुमोनी दत्ता, अऱुण बक्शी, असीम सिन्हा, अशोक शरण, सुकुमार जतानिया, बीएस बसवराजू, अमरेश चक्रवर्ती और नेपोलियन थांगा शामिल हैं।

लेकिन जैसे ही यह सूची सामने आई, लोगों ने IFFI पर महिलाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया पर बवाल: ‘पूरा पैनल पुरुषों से भरा!’

इंस्टाग्राम पर पोस्ट के नीचे सैकड़ों टिप्पणियां आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, “महिलाएं सिनेमा में इतिहास रच रही हैं, लेकिन जूरी में उनकी जगह नहीं? ये तो पूरा ‘मैनल’ है!”

दूसरे यूजर ने सवाल किया, “क्या पूरे भारत में कोई महिला फिल्ममेकर नहीं मिली?”
एक अन्य ने लिखा, “क्या महिलाओं के लिए अलग पैनल बनाया गया है? या फिर उन्हें नजरअंदाज किया गया है?”
कई लोगों ने इसे जेंडर भेदभाव करार दिया। एक टिप्पणी में लिखा गया, “जूरी में महिलाओं की कमी साफ दिखती है, IFFI को बेहतर करना चाहिए।”

फिल्म जगत से भी उठी आवाज़ें

फिल्म समीक्षकों और निर्देशकों ने भी इस फैसले पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा में आज महिलाएं हर क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, ऐसे में जूरी में उनकी अनुपस्थिति निराशाजनक है।

कई वरिष्ठ निर्देशकों ने कहा कि जूरी में विविधता जरूरी है ताकि निर्णय संतुलित और प्रतिनिधिक हो।

IFFI के आयोजन की खास बातें

इस बार के IFFI की ओपनिंग फिल्म होगी The Blue Trail, जिसका निर्देशन ब्राज़ील के फिल्मकार गैब्रियल मस्कारो ने किया है। इस साल जापान को “Country of Focus” चुना गया है।
IFFI दिवंगत दिग्गज कलाकारों — गुरु दत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, पी. भानुमति, भूपेन हजारिका और सलील चौधरी — को श्रद्धांजलि देगा।

इंडियन पैनोरमा सेक्शन में तमिल फिल्म अमरण (निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी) फीचर श्रेणी की ओपनिंग फिल्म होगी, जबकि काकोरी नॉन-फीचर कैटेगरी की शुरुआत करेगी।

मास्टरक्लास और इंटरनेशनल स्क्रीनिंग्स

IFFI 2025 में कई दिग्गज कलाकार मास्टरक्लास लेंगे। इनमें विदु विनोद चोपड़ा, आमिर खान, अनुपम खेर, रवि वर्मन, सुहासिनी मणिरत्नम, खुषबू सुंदर, बॉबी देओल, श्रीकर प्रसाद और क्रिस्टोफर चार्ल्स कॉर्बोल्ड शामिल हैं।

दुनिया के प्रमुख फिल्म समारोहों — कान्स, वेनिस, बर्लिन और लोकार्नो — में पुरस्कृत फिल्मों का भी प्रदर्शन होगा। इनमें It Was Just an Accident (Palme d’Or, Cannes), Father Mother Sister Brother (Golden Lion, Venice), Dreams (Sex Love) (Golden Bear, Berlin) और Sirat (Grand Jury Prize, Cannes) जैसी फिल्में शामिल हैं।

महोत्सव का समापन एक विशेष समारोह से होगा जिसमें रजनीकांत के भारतीय सिनेमा में 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जाएगा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News