भोजन के बाद टहलना घटा सकता है हार्ट अटैक का खतरा 40% तक — डॉक्टर की सलाह
नई दिल्ली – विश्व हृदय संघ (World Heart Federation) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2021 में 28.73 लाख लोगों की मौत हृदय रोगों से हुई। दिल का दौरा अब भी देश में मौत का सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञ इसे बदलने के लिए जीवनशैली में छोटे लेकिन असरदार बदलाव की सलाह दे रहे हैं।
द्वारका के वरिष्ठ डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. बृजमोहन अरोड़ा ने बताया कि भोजन के बाद टहलना हार्ट अटैक का खतरा 40% तक घटा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर यह कोई दवा होती, तो मैं इसे हर मरीज को लिखता।”
डॉ. अरोड़ा ने समझाया कि भोजन के बाद 10 से 15 मिनट की सैर न केवल दिल के लिए बल्कि दिमाग और पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यह आदत ब्लड शुगर नियंत्रण, ट्राइग्लिसराइड्स घटाने और ब्लड प्रेशर को स्थिर रखने में मदद करती है।
शुगर नियंत्रण में मदद
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि भोजन के बाद टहलने से ब्लड शुगर स्पाइक और सूजन (inflammation) कम होती है। जब इंसुलिन का स्तर बढ़ता है तो धमनियों को नुकसान पहुंचता है। टहलने से यह नुकसान रुकता है और दिल पर तनाव घटता है।
ट्राइग्लिसराइड्स घटते हैं
उन्होंने आगे कहा, “ट्राइग्लिसराइड्स एक प्रकार का कोलेस्ट्रॉल है जो धमनियों में प्लाक बनाता है और दिल के दौरे या ब्रेन स्ट्रोक का कारण बनता है। भोजन के बाद टहलने से यह कोलेस्ट्रॉल रक्त से बाहर निकल जाता है, जिससे खून साफ होता है।”
नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ता है
भोजन के बाद चलने से रक्त में नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है। यह पदार्थ धमनियों को चौड़ा करता है, जिससे ब्लड फ्लो बढ़ता है और ब्लड प्रेशर घटता है। इससे हृदय पर दबाव कम होता है और रक्त वाहिकाओं को सुरक्षा मिलती है।
दिमागी सुस्ती घटती है
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि कई लोग भोजन के बाद नींद या थकान महसूस करते हैं। इसका कारण ब्लड शुगर स्पाइक और इंसुलिन स्तर बढ़ना होता है। थोड़ी देर चलने से दिमाग सक्रिय रहता है और फोकस बेहतर होता है।
उन्होंने कहा, “अगर कोई व्यक्ति हर भोजन के बाद 15 मिनट टहले — नाश्ते, दोपहर और रात के बाद — तो यह दिल की सेहत, दिमागी कार्यक्षमता, ब्लड प्रेशर और पाचन सभी के लिए फायदेमंद होगा।”
निष्कर्ष
विशेषज्ञों का कहना है कि महंगे इलाज या जिम की जगह यह साधारण आदत भी बड़ा अंतर ला सकती है। कोई खर्च नहीं, बस थोड़ा अनुशासन और नियमितता चाहिए।
भारत में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, और यह छोटा कदम देश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।
