शतरंज विश्व कप 2025 में विवाद: भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणव वी पर विरोधी की शिकायत, फिर हासिल की जीत

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अज़रबैजान – शतरंज विश्व कप 2025 के तीसरे दौर में शुक्रवार को एक विवाद ने सबका ध्यान खींचा। लिथुआनिया के ग्रैंडमास्टर टिटास स्त्रेमाविचियस ने भारतीय खिलाड़ी प्रणव वी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि प्रणव ने कई चालें खेले बिना उन्हें अपने स्कोरशीट पर दर्ज किए।

अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों को हर चाल लिखनी होती है। इस नियम उल्लंघन पर खेल के दौरान विवाद बढ़ गया। स्थिति संभालने के लिए तीसरे अंपायर को भी बुलाया गया। थोड़ी बहस के बाद निर्णायकों ने मामले को सुलझा लिया और प्रणव को औपचारिक चेतावनी दी। इसके बाद मुकाबला फिर शुरू हुआ। प्रणव ने मजबूत वापसी की और अंततः जीत हासिल की।

प्रणव वी का बयान

खेल के बाद प्रणव ने विवाद पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा, “मुझे पता नहीं था कि तीन चालें बिना लिखे नहीं चल सकते। यह मेरी गलती थी।” उन्होंने आगे कहा कि वह केवल खेल पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे और नियम पर ध्यान नहीं गया।

भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

शुक्रवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहा। प्रणव के अलावा अर्जुन एरिगेसी और पेंटाला हरिकृष्णा ने भी सफेद मोहरों से शानदार जीत दर्ज की। मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने काले मोहरों से ड्रॉ खेला और अगली बाज़ी की तैयारी शुरू की।

अर्जुन एरिगेसी ने उज़्बेकिस्तान के शम्सिद्दीन वोखिदोव को केवल 30 चालों में मात दी। वहीं हरिकृष्णा ने बेल्जियम के डैनियल डारधा को 25 चालों में हराया।

हरिकृष्णा ने कहा, “मैंने कुछ नया तैयार किया था। कुछ चालें भूल गया था, लेकिन खेल में कई दिलचस्प मौके बने। मेरे प्रतिद्वंद्वी ने कुछ महत्वपूर्ण चालें मिस कीं और वहीं से मुझे बढ़त मिल गई।”

विश्व कप में भारतीय बढ़त

फिडे विश्व कप 2025 में भारत के 10 खिलाड़ी तीसरे दौर में पहुंच चुके हैं। यह टूर्नामेंट 82 देशों के 206 खिलाड़ियों के बीच नॉकआउट प्रारूप में खेला जा रहा है। भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश में उत्साह बढ़ गया है।

इस बीच, कुछ बड़े नाम शुरुआती दौर में बाहर हो गए। रूस के इयान नेपोमनियाची दूसरे दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो और हैंस नीमैन भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं।

आगे की राह

भारतीय ग्रैंडमास्टर्स के प्रदर्शन ने इस साल के विश्व कप में देश की स्थिति मजबूत की है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवा खिलाड़ियों का संयम और रणनीतिक खेल भारत को विश्व स्तर पर नई पहचान दे रहा है।

प्रणव वी की जीत ने यह साबित किया कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास किसी भी विवाद से बड़ा होता है। अब सभी की निगाहें अगले दौर पर टिकी हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।


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