नई दिल्ली– राजधानी ने शुक्रवार सुबह जहरीली हवा में सांस ली। स्विस मॉनिटरिंग एजेंसी IQAir के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 727 पहुंच गया। यह स्तर “खतरनाक” श्रेणी में आता है। दिवाली के बाद से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। पटाखों का धुआं, पराली जलने और धीमी हवाओं ने मिलकर दिल्ली की हवा को और जहरीला बना दिया है।
गुरुवार को दिल्ली का AQI शाम चार बजे 311 दर्ज हुआ था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों में यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहा। बोर्ड की समीर ऐप रिपोर्ट के अनुसार, 38 में से 32 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 300 से अधिक AQI दर्ज किया।
राजधानी अब देश के सबसे प्रदूषित शहरों में चौथे स्थान पर है। रोहतक ने 348 AQI के साथ सूची में पहला स्थान हासिल किया। CPCB ने बताया कि दिल्ली में PM 2.5 प्रमुख प्रदूषक बना हुआ है।
पराली जलाना सबसे बड़ा कारण
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने बताया कि पराली जलना दिल्ली के प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। गुरुवार को पराली से होने वाला योगदान 21.5 प्रतिशत रहा। यह शुक्रवार को 36.9 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका है। शनिवार को भी इसका असर लगभग 32 प्रतिशत तक रह सकता है।
सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को पंजाब में 94, हरियाणा में 13 और उत्तर प्रदेश में 74 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे हवा में धूल और धुआं ठहर गया है।
वाहन प्रदूषण दूसरा बड़ा कारक
पराली के बाद वाहनों का धुआं दूसरा प्रमुख कारण बन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली के PM 2.5 स्तर में वाहनों का योगदान 11 से 16 प्रतिशत के बीच है। शहर की सड़कों पर बढ़ता ट्रैफिक और धीमी हवाएं प्रदूषण को नीचे दबा रही हैं।
सरकार ने दी मामूली राहत की उम्मीद
दिल्ली सरकार ने कहा कि शुक्रवार शाम तक हवा की गति बढ़ सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। पर्यावरण विभाग ने नागरिकों से घर में रहने, मास्क पहनने और सुबह की सैर टालने की अपील की है।
जन्तर मंतर पर विरोध प्रदर्शन
इस बीच, गुरुवार को छात्रों और सामाजिक संगठनों ने जन्तर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया।
“हम स्वच्छ हवा का अधिकार मांग रहे हैं,” Scientists for Society और Campaign for Right to Public Health के आयोजकों ने कहा। करीब 80 छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और कलाकारों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
डॉक्टरों ने चेताया कि इतने ऊंचे AQI स्तर पर बाहर जाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने अस्थमा, हृदय और फेफड़ों के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।
दिल्ली की हवा फिर संकट में है। विशेषज्ञों ने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह सीजन अब तक का सबसे प्रदूषित सर्दी का दौर बन सकता है।