नई दिल्ली – प्रवर्तन निदेशालय Enforcement Directorate (ED) ने गुरुवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना की ₹11.14 करोड़ की संपत्ति जब्त की। एजेंसी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की, जो कथित अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म 1xBet से जुड़ी है।
ED ने प्रवर्तन निदेशालय अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी किया। इस आदेश में धवन की ₹4.5 करोड़ की अचल संपत्ति और रैना के ₹6.64 करोड़ के म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि जांच में धवन और रैना दोनों ने विदेशी कंपनियों के साथ विज्ञापन समझौते किए। ये कंपनियां 1xBet और उसकी सहयोगी ब्रांडों को भारत में प्रमोट करती थीं। जांचकर्ताओं ने कहा कि इन गतिविधियों से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा मिला, जो भारतीय कानूनों का उल्लंघन है।
इस कार्रवाई के साथ ED ने 1xBet के व्यापक नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया है। यह वेबसाइट कुरासाओ में पंजीकृत है और खुद को वैश्विक स्तर का बुकमेकर बताती है। यह पिछले 18 वर्षों से सट्टेबाजी कारोबार में सक्रिय है। हालांकि, भारत में इसका संचालन अवैध माना गया है।
इसी जांच के दौरान ED ने कई अन्य नामचीन हस्तियों से भी पूछताछ की। इनमें पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और रॉबिन उथप्पा, अभिनेता सोनू सूद और उर्वशी रौतेला, पूर्व तृणमूल सांसद मिमी चक्रवर्ती और बंगाली अभिनेता अंकुश हजरा शामिल हैं। सभी ने किसी न किसी रूप में 1xBet या उसके सहयोगी ब्रांडों के प्रमोशन में भाग लिया था।
एजेंसी अब इन हस्तियों के वित्तीय लेनदेन, विज्ञापन सौदों और प्रमोशनल अभियानों की बारीकी से जांच कर रही है। ED यह पता लगा रही है कि विदेशी कंपनियों से भारतीय खातों में धन किस तरह पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार, जांच में कई परतों के जरिए फंड ट्रांसफर का संदेह है।
इस बीच, ED ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक से सहयोग मांगा है। एजेंसी उन डिजिटल वॉलेट्स और पेमेंट गेटवे की पहचान कर रही है जिनसे भारत में अवैध लेनदेन संभव हुआ।
1xBet के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी जांचों में से एक मानी जा रही है। ED जल्द ही इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट PMLA की न्यायिक प्राधिकरण को सौंपेगी।
जांच के बढ़ने के साथ और भी हस्तियों के नाम सामने आ सकते हैं जिन्होंने इन ब्रांडों के प्रमोशन से आर्थिक लाभ लिया। एजेंसी का कहना है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी सट्टेबाजी नेटवर्क पर सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस प्रकरण ने एक बार फिर सेलेब्रिटी विज्ञापनों की नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, सरकार पर ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग विज्ञापनों को नियंत्रित करने के लिए सख्त कानून लाने का दबाव बढ़ गया है।