व्हाइट हाउस: ट्रंप और मोदी के बीच नियमित बातचीत, व्यापार वार्ता में तेजी
वॉशिंगटन – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल ही में कई बार बातचीत की। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की। दोनों नेता लगातार संपर्क में हैं और दोनों देशों की टीमें व्यापार और आर्थिक सहयोग पर गंभीर चर्चा कर रही हैं।
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, “राष्ट्रपति मोदी का बहुत सम्मान करते हैं और उनसे अक्सर बात करते हैं।” उन्होंने बताया कि ट्रंप और मोदी के बीच संवाद लगातार जारी है और वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।
ट्रंप ने दिवाली के मौके पर ओवल ऑफिस में मोदी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान कई भारतीय-अमेरिकी अधिकारी भी मौजूद थे। लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति को भारत-अमेरिका रिश्तों पर पूरा भरोसा है और वे इसे मजबूत बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वॉशिंगटन में भारत के राजदूत सर्जियो गोर अपने दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं।
पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान ट्रंप ने कहा कि वे भारत के साथ नया व्यापार समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में “नई शुरुआत” बताया। हाल के महीनों में संबंधों में खटास आई थी जब अमेरिका ने भारतीय आयात पर टैरिफ 25 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। यह कदम भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने के जवाब में उठाया गया था।
अमेरिका ने 30 जुलाई को पहली बार 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया और एक सप्ताह बाद इसे दोगुना कर दिया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि नई दिल्ली ने रूस से कच्चे तेल की खरीद घटाने के संकेत नहीं दिए थे।
हालांकि, रूस की शीर्ष कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने अब अपने आयात कम कर दिए हैं। इस कदम को वॉशिंगटन ने सकारात्मक संकेत माना है।
लीविट ने कहा कि ट्रंप का उद्देश्य दोनों देशों के बीच “संतुलित और पारस्परिक लाभकारी” व्यापार साझेदारी बनाना है। उन्होंने बताया कि ट्रंप की आर्थिक टीम भारत के साथ कई नए प्रस्तावों पर चर्चा कर रही है।
ट्रंप और मोदी के बीच मजबूत संवाद दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता का संकेत देता है। व्हाइट हाउस अधिकारियों का मानना है कि अगर वार्ता इसी गति से आगे बढ़ी, तो अगले वर्ष की शुरुआत तक नया व्यापार समझौता संभव है।
लीविट ने कहा, “राष्ट्रपति भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता देते हैं। वे भारत को एक प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखते हैं।”
अमेरिका और भारत दोनों अब नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। एक ओर ट्रंप प्रशासन व्यापार असंतुलन घटाने की कोशिश कर रहा है, वहीं मोदी सरकार घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन देने पर ध्यान दे रही है।
इन बातचीतों से स्पष्ट है कि दोनों देश मतभेदों के बावजूद सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर हैं। ट्रंप और मोदी का संवाद न केवल आर्थिक क्षेत्र, बल्कि वैश्विक साझेदारी की दिशा में भी नया अध्याय खोल रहा है।
