मुंबई – मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में गुरुवार को महिला विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल इतिहास बन गया। जेमिमा रोड्रिग्स ने नाबाद 127 रन की दमदार पारी खेली और भारत को 339 रनों का विशाल लक्ष्य दिलाकर फाइनल में पहुंचाया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रन जोड़कर साझेदारी को मजबूती दी। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 167 रन बनाए और भारत को जीत के करीब पहुंचाया।
भारत ने यह मुकाबला पांच विकेट से और नौ गेंदें शेष रहते जीत लिया। अंतिम ओवर में अमनजोत कौर ने चौका लगाकर जीत सुनिश्चित की। मैदान में जश्न का माहौल छा गया। भारतीय डगआउट में खिलाड़ियों की आंखों में खुशी के आंसू थे।
इस जीत के साथ भारत ने महिला वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। यह 339 रनों का पीछा अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा, जिसने ऑस्ट्रेलिया द्वारा इसी टूर्नामेंट में बनाए गए 331 रन के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। युवा ओपनर फीबी लिचफील्ड ने शानदार 119 रन बनाए और इतिहास रचा। वह विश्व कप नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। एलिसे पेरी ने 77 रन जोड़ते हुए दूसरे विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी की। इसके बाद एश्ले गार्डनर ने तेज 63 रन बनाकर टीम को 338 तक पहुंचाया।
भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की। शिरी चरनी और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया को अंतिम ओवरों में खुलकर रन नहीं बनाने दिए। दोनों टीमों ने युवा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर बेन ऑस्टिन की मौत पर शोक जताते हुए काली पट्टी बांधी।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना जल्दी आउट हो गईं। 59 रन पर दो विकेट गिरने के बाद टीम दबाव में थी। तभी जेमिमा और हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला। दोनों ने जिम्मेदारी से खेलते हुए रन गति बढ़ाई।
खेल का अहम मोड़ तब आया जब जेमिमा 82 पर कैच आउट होने से बचीं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली ने आसान कैच छोड़ दिया। इसके बाद दोनों ने तेजी से रन बनाए। हरमनप्रीत 89 पर आउट हुईं, लेकिन जेमिमा ने डटी रहीं। उन्होंने 106 पर दूसरा जीवनदान भी पाया जब ताहिला मैकग्रा ने कैच छोड़ दिया।
दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष के आउट होने के बावजूद जेमिमा ने पारी को संभाले रखा। उनकी संयमित बल्लेबाजी ने भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया। हर रन पर दर्शक उत्साह से झूम उठे।
भारत की यह जीत ऑस्ट्रेलिया पर 2017 के बाद पहली विश्व कप जीत रही। सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया 15 मैचों के बाद पहली बार विश्व कप में हारी।
अब भारत रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा। घरेलू मैदान पर यह मौका टीम इंडिया के लिए सुनहरा इतिहास रचने का है।