मोदी ने कहा, “मुझे रिपोर्ट मिल रही हैं कि कांग्रेस और आरजेडी नेता आपस में भिड़ रहे हैं। यह गठबंधन तेल और पानी की तरह है, जो कभी नहीं मिल सकते।” उन्होंने विपक्षी रैलियों को “ढोंग” बताया और कहा कि जनता अब उनके नाटक को समझ चुकी है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि बिहार एक बार फिर एनडीए को आशीर्वाद देगा। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प बिहार के विकास और इसकी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना है।”
मोदी ने कांग्रेस और आरजेडी पर पिछली सरकारों की विफलताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “इन दलों ने बिहार को सिर्फ झूठे वादे, अराजकता और भ्रष्टाचार दिया। विकास इनके एजेंडे में कभी नहीं था।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दलों की पहचान पांच चीज़ों से होती है — “कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन।” उन्होंने कहा, “जहां कट्टा और क्रूरता होती है, वहां कानून नहीं चलता।”
मोदी ने ‘जंगल राज’ के दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि आरजेडी शासन के दौरान करीब 35,000 अपहरण हुए थे। उन्होंने दावा किया कि एनडीए बिहार को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त रखेगा और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करेगा।
‘छठ’ को लेकर कांग्रेस-आरजेडी पर हमला
मोदी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने “छठी मइया” का अपमान किया है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने पीएम पर छठ पूजा के नाम पर “ड्रामा” करने का आरोप लगाया था।
मोदी ने भावनात्मक लहजे में कहा, “क्या कोई छठी मइया का अपमान कर सकता है? क्या बिहार की माताएं इसे बर्दाश्त करेंगी?” भीड़ से जोरदार ‘नहीं’ की आवाज़ गूंजी।
उन्होंने कहा, “जिनके लिए छठ पूजा नाटक है, वे बिहार की संस्कृति को नहीं समझते। यह भूमि आत्मसम्मान की है। बिहार ऐसे अपमान को कभी माफ नहीं करेगा।”
मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार छठ पर्व को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
रैली में पीएम ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमले का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, “राहुल और तेजस्वी समझते हैं कि मुझे गाली देना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है। लेकिन बिहार के लोग तय करेंगे कि कौन सच्चा विकास चाहता है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता अब अपराध और अराजकता नहीं, स्थिरता और प्रगति चाहती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे “कट्टा और करप्शन” की राजनीति को खत्म करें और विकास की राह चुनें।
मोदी ने रैली के अंत में कहा, “बिहार ने पहले भी जंगलराज को नकारा था। इस बार भी वह विकास को चुनेगा, विनाश को नहीं।”