दिल्ली में 1.2 करोड़ का क्लाउड सीडिंग प्रयोग रहा नाकाम, ‘इंद्रदेव’ पर भिड़ीं पार्टियां

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नई दिल्ली – दिल्ली में मंगलवार को कृत्रिम बारिश का महंगा प्रयोग विफल रहा। करीब 1.2 करोड़ रुपये खर्च के बावजूद एक बूँद पानी नहीं गिरा। हवा में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना रहा।

दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर क्लाउड सीडिंग का प्रयास किया। दोपहर करीब दो बजे एक छोटा सेसना विमान मेरठ से उड़ा और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के ऊपर पहुंचा। विमान ने आठ फ्लेयर छोड़े। इनमें सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड यौगिक थे। उद्देश्य था—बादलों को सक्रिय कर बारिश कराना।

शाम चार बजे दूसरी उड़ान हुई। उसने मयूर विहार, नोएडा और बादली इलाकों में आठ और फ्लेयर छोड़े। कुल 16 फ्लेयर से भी बारिश नहीं हुई।

पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने कहा, “दिल्ली ने विज्ञान के जरिए प्रदूषण से लड़ने की ऐतिहासिक पहल की है। हमारा लक्ष्य है—यह जानना कि कितनी नमी में बारिश संभव है।”

दिल्ली कैबिनेट ने 7 मई को इस परियोजना को मंजूरी दी थी। कुल पांच प्रयोगों के लिए 3.21 करोड़ रुपये तय हुए। हर प्रयास पर लगभग 64 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। पहले प्रयोग मई में होना था, पर मानसून के चलते टालना पड़ा।

आईएमडी ने मंगलवार को नमी 15 से 20 प्रतिशत के बीच बताई। यह स्तर क्लाउड सीडिंग के लिए आदर्श नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन इलाकों में पार्टिकुलेट मैटर कुछ घटा, पर बारिश नहीं हुई। सिरसा ने बताया कि अगले कुछ दिनों में नौ से दस और प्रयोग होंगे। उत्तर दिशा में हवा चलने के कारण उन्हीं इलाकों को लक्ष्य बनाया गया है।

इस बीच, राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा पर हमला बोला। विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “जब आईएमडी पहले ही बारिश का अनुमान दे चुका था, तो क्लाउड सीडिंग की जरूरत क्या थी?”

उन्होंने व्यंग्य किया, “क्या अब इंद्रदेव खुद उतरकर बताएंगे कि बारिश कृत्रिम थी या प्राकृतिक?” भारद्वाज ने यह बयान देते हुए पृष्ठभूमि में बॉलीवुड गीत ‘झूठ बोले कौवा काटे’ चलवाया। उन्होंने एक्स (X) पर वीडियो शेयर किए और सरकार पर “धोखाधड़ी” के आरोप दोहराए।

दिल्ली में कृत्रिम बारिश की योजना पहले भी बनी थी। 2023 की सर्दियों में AAP सरकार ने योजना बनाई थी, लेकिन केंद्र से अनुमति न मिलने का हवाला देकर रोक दी। सिरसा ने पलटवार करते हुए कहा, “AAP सिर्फ बात करती रही, हमने काम करके दिखाया।”

पहला ट्रायल दोपहर दो बजे पूरा हुआ। दूसरा प्रयास शाम पांच बजे खत्म हुआ। सिरसा ने दावा किया, “आईआईटी कानपुर के अनुसार, बारिश 15 मिनट से चार घंटे में हो सकती है।”

हालांकि, देर शाम तक आईएमडी ने किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की। आसमान सूखा रहा, पर दिल्ली की राजनीति में गरज जारी रही।

फिलहाल, बादल थमे हैं, हवा भारी है और सियासत गरम। दिल्ली अब भी इंतज़ार में है—बारिश का और राहत का।


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