दीवाली फोटो विवाद के बाद डॉक्टर की मौत, प्रेमी और पुलिसकर्मी हिरासत में – फळटण में जांच तेज
फळटण (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के फळटण में महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला कि दीवाली से तीन दिन पहले डॉक्टर और उसके प्रेमी प्रशांत बांकर के बीच फोटो को लेकर झगड़ा हुआ था। यह झगड़ा ही बड़े विवाद में बदल गया और आखिर में डॉक्टर ने जान दे दी।
डॉक्टर सतारा जिले के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत थी। वह 23 अक्टूबर को फळटण के एक लॉज में मृत मिली। उसकी हथेली पर लिखा था – पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बादाने ने बलात्कार किया और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर ने मानसिक उत्पीड़न किया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी रखी है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने सोमवार को बताया कि डॉक्टर दीवाली के दिन प्रशांत के घर गई थी। वहां उसने रंगोली बनाई और प्रशांत से उसकी फोटो लेने को कहा। लेकिन डॉक्टर को फोटो पसंद नहीं आई। इसी बात पर दोनों में बहस हो गई। गुस्से में वह घर छोड़कर पास के मंदिर चली गई।
बांकर के पिता उसे वापस घर लाए, लेकिन रात में वह फिर चली गई। उसने पास के एक लॉज में कमरा लिया और पूरी रात प्रशांत को संदेश भेजती रही। चाकणकर ने बताया, “डॉक्टर लगातार मैसेज भेजती रही, लेकिन प्रशांत ने फोन बंद कर दिया। उसने कहा कि डॉक्टर पहले भी ऐसे धमकी भरे संदेश भेज चुकी थी।”
जांच में सामने आया कि डॉक्टर ने कई संदेशों में आत्महत्या की धमकी दी थी। सुबह उसका शव कमरे में मिला। पुलिस को मौके से फोन और अन्य सबूत मिले हैं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पुष्टि हुई कि डॉक्टर पूरी रात प्रशांत से संपर्क में थी।
पुलिस को यह भी पता चला कि जनवरी से मार्च तक डॉक्टर की बातचीत उपनिरीक्षक गोपाल बादाने से होती थी। बाद में उसका संपर्क प्रशांत बांकर से बढ़ा। जांच अधिकारी फोन रिकॉर्ड और चैट डिटेल्स खंगाल रहे हैं ताकि मौत से पहले की घटनाओं की पूरी कड़ी जुड़ सके।
रुपाली चाकणकर ने बताया कि फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है, लेकिन पुलिस सभी सबूतों का मिलान कर रही है। महिला आयोग ने सतारा पुलिस को निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं।
डॉक्टर के सहकर्मियों ने बताया कि वह मेहनती और संवेदनशील थी। उसकी अचानक मौत ने अस्पताल स्टाफ को झकझोर दिया है। फळटण और सतारा में इस मामले ने मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों में तनाव पर नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस अब डॉक्टर के मोबाइल से मिले संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। जांच अधिकारी मानते हैं कि लॉज में उसके अंतिम घंटे पूरे सच की दिशा दिखा सकते हैं।
