तेजस्वी यादव ने ‘वक्फ को डस्टबिन में’ बयान पर दी सफाई, कहा—‘मेरा मतलब था…’

0
bihar

पटना — राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने अपने विवादित बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके “वक्फ कानून को कचरे में फेंकने” वाले बयान का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब था — अगर बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी, तो राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 लागू नहीं होगा।

तेजस्वी ने कहा, “मैंने यह कहा था कि अगर हमारी सरकार बनेगी, तो हम वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को बिहार में लागू नहीं करेंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही यही कह चुकी हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन राज्य के पास अपने अधिकार हैं और वह किसी भी कानून के लागू होने से रोक सकता है।” उन्होंने यह बात दिल्ली में हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कही।

तेजस्वी यादव के इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने उन पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह कानून संसद ने पारित किया है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा है।

तेजस्वी यादव ने रविवार को कटिहार, किशनगंज और अररिया जिलों में चार चुनावी सभाएं कीं। उन्होंने कहा, “हम सांप्रदायिक ताकतों के आगे झुकने वाले नहीं हैं। लालू प्रसाद ने अडवाणी जी की रथ यात्रा को बिहार में रोका था। मैं उनका बेटा हूं, मुझे इनकी धमकियों से डर नहीं लगता।”

उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों का साथ देते रहे हैं। उनके कारण ही आरएसएस और उसकी विचारधारा राज्य और देश में नफरत फैला रही है। भाजपा का नाम ‘भारत जलाओ पार्टी’ होना चाहिए। अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आया, तो हम वक्फ अधिनियम को कचरे में फेंक देंगे।”

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 संसद से अप्रैल में पारित हुआ। भाजपा और एनडीए ने इसे पारदर्शिता और पिछड़े मुस्लिमों व महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम बताया। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के अधिकारों का हनन करता है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “आरजेडी के लोग जंगलराज की सोच रखते हैं। उन्हें पता नहीं कि वक्फ संशोधन कानून संसद में पास हुआ है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे मंजूरी दी है। ऐसे बयान जनता को गुमराह करने के लिए दिए जा रहे हैं। आरजेडी हताश और निराश है।”

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी तेजस्वी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये लोग जनता को भ्रमित कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड बिल संसद में पास हुआ है, विधानसभा में नहीं। उन्हें वही बात करनी चाहिए जो उनकी क्षमता के भीतर हो।”

तेजस्वी यादव के बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष इसे सांप्रदायिकता के खिलाफ ठोस रुख बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा इसे जनता को गुमराह करने की साजिश मान रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की सियासत में और गर्मी ला सकता है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News