दिल्ली में सिविल सर्विस अभ्यर्थी की हत्या का पर्दाफाश: गर्लफ्रेंड, एक्स बॉयफ्रेंड और एक दोस्त की साजिश उजागर

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नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस ने तीन हफ्ते पुरानी आगजनी में झुलसे सिविल सर्विस अभ्यर्थी की मौत का रहस्य सुलझा लिया है। जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोच-समझकर रची गई हत्या थी।

घटना 6 अक्तूबर की है। उत्तर दिल्ली के टिमारपुर के गांधी विहार में एक फ्लैट में आग लगी। दमकल ने आग बुझाई तो अंदर 32 वर्षीय रामकेश मीणा का जला हुआ शव मिला। वह यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज किया और सीसीटीवी खंगालना शुरू किया।

सीसीटीवी ने खोला राज
फुटेज में दिखा कि घटना से एक रात पहले दो लोग चेहरे ढककर इमारत में दाखिल हुए। थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति बाहर निकला, फिर एक पुरुष और एक महिला निकलते दिखे। वही महिला बाद में रामकेश की लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान निकली। आग इन्हीं के निकलने के तुरंत बाद लगी। फोन लोकेशन ने भी उसकी मौजूदगी मौके पर साबित की। पुलिस ने हत्या की धाराएं जोड़कर जांच तेज की।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
अमृता ने घटना के बाद फोन बंद कर लिया था। कई छापों के बाद पुलिस ने उसे 18 अक्तूबर को पकड़ा। पूछताछ में उसने दो और नाम बताए—पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और साझा मित्र संदीप कुमार। पुलिस ने सुमित को 21 और संदीप को 23 अक्तूबर को गिरफ्तार किया।

मोटिव और साजिश
अमृता ने पुलिस को बताया कि वह मई में रामकेश से मिली थी और जल्द ही दोनों साथ रहने लगे। इसी दौरान रामकेश ने उसके कुछ निजी वीडियो रिकॉर्ड कर हार्ड डिस्क में रख लिए। जब अमृता ने उन्हें डिलीट करने को कहा, तो उसने टाल दिया। डर और गुस्से में उसने अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुमित से बात की। दोनों ने तय किया कि वे रामकेश को मार देंगे और इसे हादसे जैसा दिखाएंगे।

सुमित गैस सिलिंडर वितरण का काम करता था। उसे पता था गैस लीक से विस्फोट में कितना समय लगता है। अमृता फॉरेंसिक साइंस की छात्रा थी और अपराध पर बनी वेब सीरीज़ देखती थी। दोनों ने मिलकर हत्या की पूरी योजना बनाई और संदीप को साथ लिया।

हत्या की रात
5 अक्तूबर की रात तीनों गांधी विहार पहुंचे। सुमित और संदीप ने रामकेश को पीटा और गला घोंट दिया। फिर उन्होंने शरीर पर तेल, घी और शराब डाली। सुमित ने सिलिंडर को सिर के पास रखा, गैस चालू की और कमरे को बंद कर दिया। निकलने से पहले उन्होंने रामकेश के दो लैपटॉप, हार्ड डिस्क और कुछ सामान ले लिया। बाहर निकलते ही सुमित ने लाइटर से आग लगाई। कुछ देर बाद सिलिंडर फट गया और पूरा फ्लैट जल उठा।

जांच और खुलासा
पुलिस को घटनास्थल से कई सुराग मिले। सीसीटीवी फुटेज ने पूरी साजिश बेनकाब कर दी। पुलिस ने चोरी हुआ हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन बरामद कर लिए। तीनों आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि साजिश बेहद सोच-समझकर रची गई थी, लेकिन तकनीकी सबूतों ने अपराधियों को बेनकाब कर दिया। मामला अब अदालत में जाएगा और तीनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है।


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