व्हाइट हाउस को झटका, काला सागर समझौते को लागू करने पर क्रेमलिन की शर्त, जेलेंस्की ने कहा-यह धोखा

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वाशिंगटन/मॉस्को/कीव, 26 मार्च । व्हाइट हाउस ने मंगलवार को पूरे भरोसे के साथ कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों ने काला सागर में बल प्रयोग बंद करने पर सहमति जताई है। यह एक सैद्धांतिक समझौता है। इस पर क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस को झटका देते हुए कठोरता के साथ कहा कि इसे लागू करने से पहले उसकी कई शर्तें हैं। समझौता तभी लागू होगा, जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जेलेंस्की ने मास्को पर नई शर्तें जोड़कर मध्यस्थों को धोखा देने का आरोप लगाया है।

अमेरिका के दो बयान

सीएनएन न्यूज चैनल की खबर के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में कहा, ”वे (रूस) पहले से ही समझौतों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और वास्तव में हमारे मध्यस्थों और पूरी दुनिया को धोखा दे रहे हैं।” हाल के दिनों में सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों ने रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई अलग-अलग बैठकें कीं। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को दो बयान जारी किए। दोनों में रूस और यूक्रेन के साथ हुए समझौते की रूपरेखा का उल्लेख किया। इन बयानों में कहा गया, ” अमेरिका और संबंधित देशों में से प्रत्येक ने सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने, बल प्रयोग को समाप्त करने और काला सागर में सैन्य उद्देश्यों के लिए वाणिज्यिक जहाजों के उपयोग को रोकने पर सहमति व्यक्त की है।”

इसके बाद जेलेंस्की का बयान आया सामने

व्हाइट हाउस के बयान के तत्काल बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कीव में संवाददाता सम्मेलन बुलाया। उन्होंने पुष्टि की कि यूक्रेन काला सागर में सैन्य बल का प्रयोग बंद करने पर सहमत हो गया है। इसी दौरान क्रेमलिन के बयान में कहा गया कि वह इस समझौते को तभी लागू करेगा जब उसके बैंकों और खाद्य और उर्वरक निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। ऐसा माना जाता है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बिना उकसावे के आक्रमण शुरू करने के बाद रूस पर यह प्रतिबंध लगाए गए थे।

ट्रंप बोले-रूस की शर्तों पर होगा विचार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उनका प्रशासन रूस की शर्तों पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, पांच या छह शर्तें हैं। हम उन सभी पर विचार कर रहे हैं।” दिन में विचार रखने के बाद जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में मॉस्को को खरी खोटी सुनाई। तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस चाहता है कि यह समझौता निष्पक्ष हो। यह याद रखना है कि पिछली बार हमने काला सागर समझौते को वास्तव में लागू करने का प्रयास किया था। मगर दूसरे पक्ष ने इसे नहीं माना। इसलिए इस बार फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ाया जाएगा।

अमेरिकी वादा

समझा जा रहा है कि काला सागर में तनाव को कम करने के अपने प्रयासों के तहत ट्रंप ने कीव और मास्को दोनों खुश किया है। इसमें एक प्रमुख वादा शामिल है-”यह समझौता “कृषि और उर्वरक निर्यात के लिए विश्व बाजार में रूस की पहुंच को बहाल करने, समुद्री बीमा लागत को कम करने और ऐसे लेनदेन के लिए बंदरगाहों और भुगतान प्रणालियों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।” सनद रहे कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने पहले ही युद्धविराम लागू होने से पहले प्रतिबंधों को हटाने के खिलाफ चेतावनी दी है।

ऊर्जा केंद्रों पर हमले चिंता का सबब

व्हाइट हाउस के बयानों में यह भी कहा गया कि अमेरिका और दोनों देश रूस और यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समझौते को ”कार्यान्वित करने के लिए उपाय विकसित करने” पर सहमत हुए हैं। जेलेंस्की और क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस के इस बयान की पुष्टि की है। क्रेमलिन ने कहा कि ऊर्जा केंद्रों पर यह रोक 18 मार्च से शुरू हुई और 30 दिनों के लिए प्रभावी होगी, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है।

बाद में जेलेंस्की ने मॉस्को के इस दावे को खारिज कर दिया कि दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने पर रोक लग गई है। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन झूठ बोल रहा है। यूक्रेन के साथ वार्ता के परिणामों को रेखांकित करने वाले बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका युद्ध कैदियों के आदान-प्रदान, नागरिक बंदियों की रिहाई और जबरन स्थानांतरित यूक्रेनी बच्चों की वापसी में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

रियाद रहा वार्ता का केंद्र

रूसी और अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को रियाद के रिट्ज-कार्लटन होटल में मुलाकात की थी। इसी स्थान पर एक दिन पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इससे पहले यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने ट्रंप के दूत कीथ केलॉग से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से किए गए समझौते ने यूक्रेन को समुद्र के रास्ते अनाज निर्यात करने की अनुमति दी है। उसके जहाज काला सागर के बंदरगाहों की रूसी नाकाबंदी को दरकिनार कर और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने के लिए तुर्किये के बोस्फोरस जलडमरूमध्य के जलमार्ग से सुरक्षित गुजरेंगे। इस पर रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि मॉस्को रूसी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता के परिणामों का विश्लेषण कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है।


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