एएफसी विमेंस एशिया कप ट्रॉफी को बनाने में लगा 140 घंटे से अधिक का समय

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नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। एएफसी विमेंस एशियन कप ट्रॉफी इस मार्की महाद्वीपीय टूर्नामेंट का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। भारत में इसका आयोजन दूसरी बार हो रहा है। 20 जनवरी से 6 फरवरी तक 12 टीमें इस ट्रॉफी के लिए संघर्ष करेंगी। खास बात यह है कि केवल दूसरी बार इस मौजूदा ट्रॉफी को विजेता टीम उठाएगी।
मौजूदा एएफसी विमेंस एशियन कप ट्रॉफी का अनावरण जॉर्डन में 2018 में किया गया था। पहली बार पश्चिम क्षेत्र के किसी देश ने टूर्नामेंट की मेजबानी की और फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर जापान की टीम नई ट्रॉफी उठाने वाली पहली टीम बनी।
ट्रॉफी को प्रतियोगिता की भावना और सार को मूर्त रूप देने के मकसद से डिजाइन किया गया था। इसकी ऊंचाई 52.5 सेमी और इस हॉलमार्क स्टर्लिंग सिल्वर बुलियन का वजन 5.5 किलोग्राम है।
इस हाई स्टैंडर्ड वाली ट्रॉफी को आठ अलग-अलग शिल्पकारों ने 140 घंटे की मेहनत के बाद तैयार किया है। ट्रॉफी को न सिर्फ मॉडर्न डिजाइन दिया गया है बल्कि इसमें ऐसे कई तत्व शामिल किए गए हैं, जो इस टूर्नामेंट की गरिमामयी इतिहास का प्रतिनिधित्व और सम्मान करते हैं।
ट्राफी के दो हैंडल्स में चांदी की छह छड़े हैं। ये छड़ें 1975 में आयोजित टूर्नामेंट के पहले संस्करण में हिस्सा लेने वाली छह टीमों का प्रतीक हैं। ट्रॉफी के बेस में आठ उच्च स्टाइल वाली मार्डर्न महिला फुटबॉल खिलाड़ी प्लींथ को सजाती हुई दिखती हैं, जो इस आधुनिक आयोजन की ताकत और चपलता (एजिलिटी) का प्रतीक हैं।


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